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गृह विभाग को कानून व्यवस्था की फिक्र नहीं, मुंबई में १,००० सब इंस्पेक्टरों के पद रिक्त!

– ८०० पीएसआई-एपीआई को है स्थानांतरण का इंतजार
– संख्या बल में कमी से साढ़े चार वर्ष बाद भी नहीं हुआ ट्रांसफर
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई मनपा चुनावों से पहले शहर में राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है, लेकिन इसी बीच एक गंभीर प्रशासनिक चूक ने सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई पुलिस में करीब १,००० सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) के पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण न सिर्फ शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि नियमित ट्रांसफर प्रक्रिया भी ठप हो गई है।
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, किसी भी पुलिस अधिकारी को एक ही क्षेत्र में तीन साल से अधिक तैनात नहीं रखा जा सकता, लेकिन मुंबई पुलिस में लगभग ८०० पीएसआई-एपीआई गत चार से साढ़े चार साल से तैनात थाने पर ही जमे हुए हैं। इनमें २०१९ से २०२१ के बीच भर्ती हुई बैच ११८, ११९ और १२० के अधिकारी शामिल हैं, जिनका अब तक एक भी ट्रांसफर नहीं हुआ। वरिष्ठ स्तर पर तो २०२४ के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के पहले समय पर तबादले हुए, लेकिन सब-इंस्पेक्टर स्तर पर यह प्रक्रिया ठहर-सी गई है। कई थानों में तैनात युवा अफसरों का कहना है कि वे महीनों से ट्रांसफर सूची का इंतजार कर रहे हैं, जबकि आचार संहिता लागू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। एक पीएसआई ने बताया, कि हम मानते हैं कि रोटेशन सिस्टम का हिस्सा है, लेकिन जब सालों तक तबादला नहीं होता तो सवाल उठना स्वाभाविक है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे हमें भुला दिया गया है। सिर्फ मेरे बैच के ही ७००-८०० अधिकारी ट्रांसफर के इंतजार में हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली जमीनी फोर्स बुरी तरह से संख्या की कमी से जूझ रही है और इसी वजह से तबादले अटक गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आदेश मिलते ही ट्रांसफर शुरू किए जाएंगे, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब चुनाव नजदीक हैं, इस तरह की ढिलाई शहर की तटस्थ और प्रभावी कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकती है।

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