-राजस्थान से १५० किलो विस्फोटक बरामद
-इलाके में बढ़ाई सुरक्षा, देशभर में अलर्ट
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नए साल से पहले राजस्थान के टोंक जिले में बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए १५० किलो विस्फोटक सामग्री की बड़ी खेप बरामद की। माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल नए साल के मौके पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है। मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और राज्यभर में अलर्ट जारी किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटक कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को टोंक जिले में डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टास्क फोर्स के एक टारगेटेड ऑपरेशन के बाद एक बड़े विस्फोटक रैकेट का पर्दाफाश हुआ। इसमें भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किया। जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर डीएसटी टीम ने बरोनी पुलिस स्टेशन इलाके में एक गाड़ी को रोका। इस दौरान उसमें से १५० किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया। इसे अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, विस्फोटक पदार्थ को यूरिया खाद की बोरियों के अंदर छिपाकर रखा गया था, ताकि ट्रांजिट के दौरान इसका पता न चले। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि विस्फोटकों के सही सोर्स, उन्हें खरीदने वाले नेटवर्क और जब्त किए गए सामान के इस्तेमाल के मकसद का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। बरामदगी और गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया, `एक मारुति सियाज कार से विस्फोटक जब्त किए गए। यूरिया की बोरियों में छिपाकर रखा गया १५० किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया।’
२०० विस्फोटक कारतूस व १,१०० सेफ्टी फ्यूज तार भी मिले
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने २०० खतरनाक विस्फोटक कारतूस और १,१०० सेफ्टी फ्यूज तार भी बरामद किए हैं। इस सामग्री को गैर-कानूनी गतिविधि के लिए ले जाया जा रहा था। विस्फोटकों को एक कार में ले जाया जा रहा था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
