-पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ पर मार्कंडेय काटजू का तीखा हमला
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ को लेकर न्यायिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्वंâडेय काटजू ने पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ पर कड़ा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। काटजू का कहना है कि चंद्रचूड़ अपने करियर में आगे बढ़ने और देश का मुख्य न्यायाधीश बनने के लिए किसी भी हद तक समझौता करने को तैयार रहते थे।
इंसाफ की शपथ से किया धोखा
पूर्व जस्टिस मार्वंâडेय काटजू ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि डी.वाई. चंद्रचूड़ ने अपने व्यक्तिगत करियर और महत्वाकांक्षाओं के चलते न्याय की शपथ के साथ समझौता किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष पद हासिल करने की चाहत ने न्यायिक निष्पक्षता को प्रभावित किया है।
गणेश पूजा विवाद का जिक्र
अपने तीखे हमले को आगे बढ़ाते हुए काटजू ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहते हुए भी उन्होंने न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाई। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सीजेआई रहने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने आवास पर गणेश पूजा के लिए आमंत्रित करना न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच की दूरी के लिहाज से अनुचित था, जिससे संस्था की छवि को आघात लगा।
कानूनी जगत में घमासान
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व जस्टिस संजय किशन कौल की किताब और बयानों के बाद से न्यायपालिका के भीतर नियुक्तियों और कार्यपालिका के साथ तालमेल को लेकर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है। हालांकि, एक वर्ग जहां पूर्व सीजेआई के फैसलों और उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण बताता है, वहीं पूर्व जजों के ऐसे कड़े बयानों ने कानूनी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को राजनीतिक और कार्यकारी प्रभावों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
