लायक खलनायक

संजीव कुमार पांडेय, नालंदा

फिल्मी पर्दे पर दहशत फैलानेवाले खलनायक तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन रुपहले पर्दे पर अपने अभिनय से लोगों के दिलों में खौफ पैदा करनेवाले और भारतीय सिनेमा के पन्नों पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखवानेवाले कुछ खलनायकों ने अपनी बेटियों को फिल्मी पर्दे से दूर रखा, क्योंकि उन्हें इंडस्ट्री में होनेवाले कास्टिंग काउच के बारे में भली-भांति पता था। सबसे पहले हम ‘मोगैंबो’ अमरीश पुरी की बात करेंगे, जिन्होंने पर्दे पर ऐसे खूंखार किरदार निभाए, जिसे देख लोगों की रूह तक कांप जाती थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बला की खूबसूरत बेटी नम्रता पुरी को हीरोइन बनने नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर अपनी खलनायिकी से पर्दे पर सिहरन पैदा करनेवाले प्रेम चोपड़ा ने भी अपनी बेटी प्रेरणा चोपड़ा, जिनमें हीरोइन बनने के सारे गुण मौजूद होने के बावजूद बेटी को फिल्मी पर्दे से दूर रखा। इसके बाद हम बात करेंगे रजा मुराद की, जिन्होंने फिल्म ‘प्रेम रोग’ में अपने छोटे भाई की पत्नी यानी पद्मिनी कोल्हापुरे संग रेप सीन किया था, ने भी अपनी बेटी आयशा मुराद को किसी भी फिल्म की नायिका बनने नहीं दिया, क्योंकि वो भी इंडस्ट्री में होनेवाले कास्टिंग काऊच से भली-भांति परिचित थे। इसके बाद हम बात करेंगे डैनी डेंग्जोंग्पा की। अपनी खलनायकी से पर्दे पर दहशत फैलाने वाले डैनी ने भी अपनी बेटी पिमा को हीरोइन बनने नहीं दिया। अभिनय की पाठशाला नसीरुद्दीन शाह ने भी अपनी बेटी हिबा शाह को रुपहले पर्दे पर नाचने नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर कुलभूषन खरबंदा, जिन्होंने फिल्म ‘शान’ में खलनायक का किरदार निभाया था, ने भी अपनी बेटी को हीरोइन बनने नहीं दिया। इसके बाद हम बात करेंगे किरण कुमार की, जो खलनायिकी के खानदान से आते हैं, ने भी अपनी बेटी सृष्टि कुमार को हीरोइन बनने नहीं दिया। यानी रुपहले पर्दे पर दूसरों की इज्जत से खेलनेवाले खलनायक अपने खून यानी अपनी बेटी को सुरक्षित रखने में कामयाब रहे। दौलत और शोहरत इन खलनायकों के ईमान को नहीं डिगा सका।

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