रोहित माहेश्वरी लखनऊ
यूपी के पूर्व सीएम व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड की अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ महज एक नारा बनकर रह गया है, जबकि हकीकत में महिलाओं और बेटियों का लगातार अपमान हो रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में बेटियां दुष्कर्म और हिंसा का शिकार हो रही हैं, लेकिन उन्हें न्याय दिलाने के बजाय मामलों पर लीपापोती की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनतारा रिजॉर्ट में काम करनेवाली रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या को अत्यंत पीड़ादायक और मन को विचलित करनेवाला बताया।
एसआईआर में तय होगा टिकट का फॉर्मूला
२०२७ विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी एसआईआर अभियान में सक्रियता को भी टिकट वितरण का आधार बनाएगी। एसआईआर के दौरान अच्छा काम करनेवाले और वोटरों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को पार्टी टिकट देने में तरजीह देगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, २०२७ विधानसभा चुनावों में टिकट वितरण के लिए नेताओं की एसआईआर में निभाई गई भूमिका को भी एक पैमाना माना जाएगा। एसआईआर प्रक्रिया में सपा के कार्यकर्ता काफी सक्रिय थे। रोज जिलों से पार्टी मुख्यालय को शिकायतों-समस्याओं की और किए गए काम की जानकारी भेजी जाती थी। पार्टी अपने स्तर से भी जिलों से रिपोर्ट ले रही थी। इसके आधार पर ही हर रोज अनियमितताओं और गड़बड़ी की शिकायत मुख्य निर्वाचन अधिकारी से होती।
डर गई बीजेपी?
लखनऊ में ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इस बैठक ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नई बहस छेड़ दी है। नेता प्रतिपक्ष ने जहां बैठक का खुलकर समर्थन करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला। सपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि ब्राह्मण विधायकों को बैठक करने का पूरा अधिकार है। इसमें कोई भी गैरकानूनी या आपत्तिजनक बात नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लोग यदि आपस में बैठकर संवाद या अपने मुद्दों पर चर्चा करते हैं, तो इसे अपराध की तरह देखना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बैठक से डर गई है और इसी कारण अनावश्यक दबाव बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।
