अनिल मिश्र / पटना
बिहार प्रदेश में कल नए साल का आगाज हड्डियों को कंपा देने वाली ठंड के साथ हुआ है। हालांकि, इस बीच सुबह में धुप निकलने से लोगों को थोड़ी बहुत राहत जjtर मिली लेकिन इसके बाद भी सडकों पर कोहरा का व्यापक असर दिखा, जबकि बर्फीली पछुआ हवाओं और घने कोहरे ने राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश को अपनी आगोश में ले लिया है। समस्तीपुर में तो ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। इस बीच पटना मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज शुक्रवार को सूबे के सभी 38 जिलों में कोल्ड डे और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर आने वाले समय में भी जारी रहेगा। जैसा कि मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान लगाया है। बिहार प्रदेश में जनवरी महीने की शुरुआत के साथ ही ठंड ने लोगों की सहनशीलता की परीक्षा लेनी शुरू कर दिया है। इस बीच मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे जनवरी महीने में शीतलहर का असर लगातार बना रह सकता है। राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, वहीं दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं होने से पूरे दिन ठिठुरन महसूस हो रही है। पूरे उत्तर भारत सहित बिहार के अधिकांश हिस्से इस समय भीषण ठंड की चपेट में हैं। घने कोहरे और पश्चिमी हवाओं की ठंडी मार के कारण दिन का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है। गया में 5 डिग्री, जबकि राजगीर और नालंदा में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में दिन और रात के तापमान का अंतर 2 डिग्री से भी कम रहा, जहां अधिकतम 13.2 डिग्री और न्यूनतम 11.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और सहरसा जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तापमान इससे भी नीचे जा सकता है। लगातार ठंड के कारण लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सड़कों और रेलवे ट्रैक पर कोहरे के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कई ट्रेनों के विलंब से चलने और उड़ानों के रद्द होने की स्थिति भी सामने आ सकती है, जबकि पूरे प्रदेश में एक से लेकर पांचवीं कक्षा तक के सभी आंगनबाड़ी सहित स्कूल बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं उपर की कक्षा संचालित करने के लिए निर्धारित समय के साथ ही शुरू करने का निर्देश जिला प्रशासन द्वारा दिया गया। जहां इस ठंड से आप लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं क़ृषि वैज्ञानिक ने रवी फसल के लिए अनुकूल मान रहे हैं। सिर्फ आलू के झूलसा रोग से ग्रस्त होने को लेकर।
