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महाराष्ट्र उत्पादन शुल्क विभाग का काम सराहनीय, इनोवेशन इन एडमिनिस्ट्रेशन में आयुक्त राजेश देशमुख अव्वल

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क विभाग को प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और सेवा सुधार के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित ‘द्वितीय सेवा हक्क दिन’ समारोह में विभाग को ‘इनोवेशन इन एडमिनिस्ट्रेशन’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्य उत्पादन शुल्क आयुक्त राजेश देशमुख को सम्मान चिह्न देकर गौरवित किया गया। समारोह में महाराष्ट्र राज्य लोकसेवा हक्क आयोग के मुख्य आयुक्त मनुकुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष के रूप में उपस्थित थे, जबकि राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल प्रमुख अतिथि रहे।

ई-प्रशासन से बदली कार्यशैली

राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने राजस्व वृद्धि, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के माध्यम से अपनी कार्यप्रणाली में व्यापक परिवर्तन किए हैं। विभाग की सफलता के चार प्रमुख आधार बताए गए हैं। सप्लाई चेन प्रबंधन, परिवहन नियंत्रण, अपराध जांच और पारदर्शी प्रशासन।

प्रमुख उपलब्धियां

डिजिटल निगरानी प्रणाली- सप्लाई चेन मैनेजमेंट (SCM) के जरिए शराब उत्पादन, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है।

ई-लॉक और जीपीएस ट्रैकिंग- मदिरा परिवहन में डिजिटल ई-लॉक और जीपीएस तकनीक लागू की गई, जिससे 31 हजार से अधिक यात्राओं की सफल निगरानी की गई।

पेपरलेस कार्यालय- दिसंबर 2025 से विभाग पूर्ण रूप से ई-ऑफिस प्रणाली पर कार्य कर रहा है। 9 विभागीय और 36 जिला कार्यालयों का डिजिटलीकरण किया गया है तथा 90 प्रतिशत फाइलों का निस्तारण हो चुका है।

ऑनलाइन सेवाएं- सेवा हक्क कानून के तहत विभाग की 134 सेवाओं को ‘आपले सरकार’ पोर्टल से जोड़ा गया है। अब तक 92 प्रतिशत आवेदनों का समयसीमा में निपटारा किया गया है।

ई-क्राइम ऐप से मिली सफलता

‘ई-क्राइम ऐप’ के माध्यम से अब तक 69,605 मामलों का पंजीकरण किया गया है और 4,454 वाहनों को जब्त किया गया है। वहीं, ताड़ी शुद्धता जांच किट से मात्र 1 से 2 मिनट में मिलावट की पहचान संभव हो रही है। नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए विभाग ने 24 घंटे कार्यरत केंद्रीय शिकायत निवारण प्रणाली शुरू की है। टोल-फ्री नंबर, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के माध्यम से लोग सीधे विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

राजस्व में 18 प्रतिशत वृद्धि

सम्मान प्राप्त करने के बाद आयुक्त राजेश देशमुख ने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से पिछले 10 वर्षों की तुलना में विभाग के राजस्व में 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध सेवाएं देना और जनसुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।

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