राजेश सरकार | प्रयागराज
संगम नगरी प्रयागराज में बिजली विभाग के काम के बीच ही बड़ी चोरी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मुठ्ठीगंज पुलिस और सर्विलांस टीम ने 33 केवी की महंगी विद्युत केबल चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 13 टन वजनी केबल (कीमत लगभग 35 से 40 लाख रुपये) बरामद की है। इस पूरे मामले में विभागीय ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार बैरहना से गऊघाट पावर हाउस तक केबल डालने के प्रोजेक्ट के दौरान पुराने यमुना पुल के पास रखे गए केबल ड्रम को निशाना बनाया गया। शिकायत मिलने पर मुठ्ठीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर दारागंज इलाके से दो आरोपियों मो. आसिफ मलिक और सावी खान को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे एक निजी फर्म के तहत काम करते थे और ठेकेदार के इशारे पर ही केबल चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने यह भी बताया कि कीडगंज क्षेत्र से एक और केबल ड्रम चोरी करने की योजना या घटना में उनकी भूमिका रही है। चोरी की गई केबल को बेचकर प्राप्त रकम आपस में बांट ली जाती थी।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने मौके से 33 केवी के दो ड्रम विद्युत तार बरामद किए हैं, जिनका कुल वजन करीब 13 टन है और अनुमानित कीमत 35 से 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
विभाग पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये की परियोजना के तहत इस्तेमाल होने वाले इतने महंगे उपकरणों को खुले में बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के छोड़ देना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम होते, तो इस तरह की संगठित चोरी को रोका जा सकता था।
पुलिस की सक्रियता से खुलासा
मुठ्ठीगंज पुलिस और सर्विलांस टीम की सक्रियता के चलते इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा हुआ। बरामदगी के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सिस्टम के भीतर मौजूद खामियों और संभावित मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है। जहां एक ओर पुलिस की तत्परता से बड़ा खुलासा हुआ है, वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही और ठेकेदारी तंत्र की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
