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हल्का-फुल्का : थलपति विजय की धमाकेदार एंट्री…

मनमोहन सिंह
लो जी, तमिलनाडु में असली ‘उध्Aऊ’ वाली एंट्री हो गई है! थलपति विजय ने स्क्रीन पर तो विलेन कूटे ही थे, अब राजनीति के मैदान में विरोधियों की बोलती बंद करके उनकी सीटी बजा दी है। मामला ऐसा है कि विजय की पार्टी टीवीके ने पहले ही चुनाव में वो कर दिखाया है जो अच्छे-अच्छे सूरमा नहीं कर पाए सीधे १०९ सीटों पर कब्जा करके सबसे बड़े खिलाड़ी बन गए हैं।
अब सीन कुछ ऐसा है कि डीएमके, जो कभी किंग थी, वो अब तीसरे नंबर पर खिसक कर जन नायकन का ट्रेलर देख रही है। विजय अब तमिलनाडु के नए एमजीआर बनने की राह पर हैं और उनकी सीटी क्रांति के शोर में बड़ी-बड़ी पार्टियों के कान बज रहे हैं।
गठबंधन का तड़का भी जोरों पर है। बहुमत के लिए चाहिए ११८ और विजय के पास हैं १०९। अब इस खिचड़ी में तड़का लगाने के लिए कांग्रेस बिल्कुल तैयार खड़ी है। कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि विजय बाबू, हमें भी साथ ले लो, हम बड़े अनुभवी साथी हैं। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने तो साफ कह दिया कि बेटा समाज सेवा कर रहा है और कांग्रेस को अपनी खोई हुई इज्जत वापस चाहिए, तो आ जाओ साथ में, हम तुम्हें सत्ता दिला देंगे।
इस कतार में कांग्रेस के ५, वामपंथियों के २-२ और वीसीके के १ विधायक को मिला लें, तो विजय की गाड़ी सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जाकर रुकेगी। यहां तक कि पीएमके वाले भी इधर-उधर झांक रहे हैं कि कहीं विजय की लहर में उन्हें भी कोई कोना मिल जाए।
विजय ने साबित कर दिया कि वो सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि ईवीएम मशीन पर भी ब्लॉकबस्टर हैं। जहां कमल हासन और बाकी सितारे साइड रोल में रह गए, विजय ने सीधे लीड रोल हथिया लिया है।
अब देखना ये है कि जब ये सीटी पूरी ताकत से बजेगी, तो तमिलनाडु की राजनीति में कौन-कौन ठुमके लगाएगा और कौन कोने में बैठकर आंसू बहाएगा। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!
वैसे विजय का एक धमाकेदार डायलॉग है ‘एक बार अगर मैंने पैâसला कर लिया, तो फिर मैं अपनी भी नहीं सुनता!’ उनकी सफलता को देखकर अब उनके पैंâस कह रहे हैं कि उन्होंने जो राजनीति में आने का ‘पैâसला’ किया था, अब वो अपनी भी नहीं सुनेंगे और सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ही रुकेंगे!

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