सामना संवाददाता / मुंबई
रत्नागिरी जिले के दापोली स्थित साई रिसॉर्ट मामले में शिवसेना विधायक अनिल परब को बड़ी राहत मिली है। खेड के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले में परब सहित सभी को सबूतों के अभाव में निर्दोष करार देते हुए आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला दापोली तालुका के मुरुड स्थित साई रिसॉर्ट से जुड़ा था, जिसमें सीआरजेड नियमों के उल्लंघन और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण करने के आरोप भाजपा नेता किरीट सोमैया ने लगाए गए थे।
भाजपा के पूर्व सांसद सोमैया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए परब पर जमीन हड़पने और अवैध निर्माण कराने के गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन कोर्ट ने इस मामले में अनिल परब सहित अन्य लोगों को आरोप मुक्त किया है, जिससे भाजपा नेता सोमैया का यह आरोप झूठ साबित हुआ है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि जमीन और निर्माण को अलग-अलग पहलुओं के रूप में देखा जाना चाहिए और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित नहीं होते हैं। इसी आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस पैâसले से अनिल परब को बड़ी राजनीतिक और कानूनी राहत मिली है। गौरतलब है कि इस मामले में ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र में भी अनिल परब का नाम तक शामिल नहीं था, जिससे पहले ही यह साफ हो गया था। ईडी को इस मामले में कुछ नहीं मिला है। परब और उनके सहयोगी आसानी से बरी हो जाएंगे।
फिलहाल, अदालत के इस पैâसले के बाद किरीट सोमैया की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किरीट से जब इस बारे में पूछा गया तो वे मुंह छुपाकर बचते दिखे। यह पैâसला राज्य की राजनीति में भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना हुआ था।
