-अब तो ‘फुल टाइम’ का गृहमंत्री दे दो ‘सरकार’!
– महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस की मांग
– ‘शक्ति’ कानून जल्द लागू करने की उठी आवाज
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने ‘शक्ति’ कानून को जल्द लागू करने और राज्य को फुल टाइम (पूर्णकालिक) गृहमंत्री देने की मांग उठाई है।
कांग्रेस मुंबई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा को पत्र लिखकर कहा कि महाराष्ट्र, जो कभी महिलाओं के लिए सुरक्षित और कानून-व्यवस्था के मामले में अग्रणी राज्य माना जाता था, आज गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे राज्य की छवि को धक्का लगा है। उन्होंने पुणे जिले के नसरापुर में चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या, बदलापुर में छात्राओं के साथ अत्याचार, मुंबई के साकीनाका क्षेत्र की घटना और अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि महिलाएं न घर में सुरक्षित हैं और न ही सार्वजनिक स्थानों पर। उन्होंने कहा कि राज्य में पूर्णकालिक गृहमंत्री न होने से कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए पूरी तरह भाजपा के शीर्षनेता जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण इस अहम विभाग पर मुख्यमंत्री द्वारा पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे अपराध नियंत्रण प्रभावित हो रहा है। गायकवाड ने आरोप लगाया कि अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस और प्रशासन अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के समय पारित ‘शक्ति’ कानून, जिसमें गंभीर अपराधों के लिए त्वरित और कठोर दंड का प्रावधान है, अब भी केंद्र की मंजूरी के अभाव में लागू नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हर बड़ी घटना के बाद केवल जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन ठोस और स्थायी समाधान के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए जाते।
पार्टी का आरोप है कि सरकार की प्राथमिकताओं में महिला सुरक्षा पीछे छूट गई है।
