दो खतरनाक गुर्गे गिरफ्तार
एक देशी, ९ एमएम पिस्टल
एक ३१५ बोर का तमंचा
६ जिंदा कारतूस बरामद
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश में आतंक की नई साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। `हीरो’ बनाने के नाम पर युवाओं को देश का `विलेन’ बनाने का खेल खेला जा रहा था। `हीरो’ की छवि बनाकर युवाओं को गुमराह करने वाले खतरनाक नेटवर्क का यूपी एटीएस ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से हथियारों का जखीरा भी बरामद हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल युवाओं को बहकाकर उन्हें हिंसक गतिविधियों की ओर धकेलने की तैयारी में था। बरामद हथियारों और कारतूसों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों की पहचान दानियाल अशरफ (२३) निवासी बाराबंकी और कृष्ण मिश्रा (२०) निवासी कुशीनगर के रूप में हुई है। दानियाल को बाराबंकी से और कृष्ण मिश्रा को गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया। मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने कृष्ण मिश्रा से कथित तौर पर कहा था कि मेरे कहने के अनुसार काम करोगे तो मैं तुम्हें भारत में हीरो बना दूंगा। दोनों के मोबाइल फोन में शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के नंबर सहेजे हुए मिले। वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स, वॉट्सऐप चैट और देश-विरोधी सामग्री बरामद हुई। दानियाल अशरफ ने दूसरे राज्य के एक पुलिस स्टेशन की रेकी का वीडियो बनाकर हैंडलर्स को भेजा था और हमले के लिए पैसे व हथियार (गन) की मांग की थी। यूपी एटीएस के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के संपर्क में थे। ये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
इंस्टाग्राम से हो रही स्लीपर सेल की भर्ती!
पूछताछ में पता चला कि दोनों युवकों को सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए भर्ती किया गया था। उन्हें फुट सोल्जर और स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने की योजना थी। आर्थिक लालच देकर युवाओं को रेडिकलाइज करने की रणनीति अपनाई जा रही थी। बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम अब स्लीपर सेल की भर्ती का नया अड्डा बनता जा रहा है।
निशाने पर थे देश के संवेदनशील प्रतिष्ठान
एवं वर्दीधारी जवान
दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टरों और हैंडलर्स के संपर्क में थे और देश के संवेदनशील प्रतिष्ठानों, पुलिस थानों और वर्दीधारे जवानों पर हमले की साजिश रच रहे थे।
