सामना संवाददाता / मुंबई
सरकार के पास बिल्डरों और ठेकेदारों को देने के लिए जमीन है, लेकिन परियोजनाओं में काटे गए पेड़ों के बदले नए पेड़ लगाने के लिए जमीन नहीं है। अगर ऐसी स्थिति थी तो पहले पेड़ काटे ही क्यों गए? इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार और मनपा पर बोला है। कोस्टल रोड और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण हुई वृक्षों की कटाई के बदले मुंबई में दोबारा पेड़ लगाए जाने थे, लेकिन अब यह जानकारी सामने आई है कि मुंबई मनपा ने शहर में पर्याप्त जगह नहीं होने का हवाला देते हुए इन परियोजनाओं के बदले लगाए जाने वाले पेड़ों को मुंबई के बाहर लगाने का फैसला लिया है। इसी मुद्दे पर आदित्य ठाकरे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टोरी के जरिए इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाया। इसके साथ ही आदित्य ठाकरे ने सरकार से मांग की कि रीप्लांटेशन के लिए वर्ली डेयरी या बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित ३२ एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाए।
