बिहार के कटिहार जंक्शन से सामने आया एक वायरल वीडियो रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वीडियो में कुछ महिला वेंडर कथित रूप से फीकी दिख रही ककड़ियों पर हरा रंग लगाती नजर आती हैं, ताकि वे यात्रियों को ज्यादा ताजी और आकर्षक दिखाई दें। यह दृश्य प्लेटफॉर्म ७ और ८ का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने कार्रवाई करते हुए नौ महिला वेंडरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरपीएफ ने वीडियो को वास्तविक माना है और ककड़ी की टोकरियां भी जब्त की गई हैं। यह मामला सिर्फ एक स्टेशन या कुछ वेंडरों की लापरवाही तक सीमित नहीं है। सवाल यह है कि यात्रियों के स्वास्थ्य से जुड़ा ऐसा खेल रेलवे परिसर में वैâसे चलता रहा? अगर ककड़ियों पर सचमुच रासायनिक रंग लगाया गया, तो यह पेट, त्वचा और आंतों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ट्रेन यात्रियों में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भी होते हैं, जो ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थों से अधिक प्रभावित हो सकते हैं। इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर खाद्य निरीक्षण, लाइसेंस व्यवस्था और नियमित निगरानी की कमजोरी उजागर कर दी है। अब जरूरत केवल दोषियों पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि हर स्टेशन पर खुले फल, कटे खाद्य पदार्थ और प्लेटफॉर्म वेंडरों की सख्त जांच की है। यात्रियों को भी यात्रा के दौरान खुले और संदिग्ध रंग वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से बचना चाहिए।
