सुनील ओसवाल / मुंबई
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ अब शिक्षा व्यवस्था के सबसे बड़े घोटालों में से एक बनती नजर आ रही है। २२ लाख छात्रों की मेहनत और भविष्य से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रश्नपत्रिका की पहली कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में तैयार की गई थी। इसके बाद यह कॉपी हरियाणा पहुंचाई गई, जहां कथित तौर पर उसके १० अलग-अलग सेट तैयार किए गए। फिर यही लीक पेपर हरियाणा से बिहार, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान तक पहुंचाया गया।
इस खुलासे ने देश की परीक्षा प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस परीक्षा को देश की सबसे सुरक्षित और संवेदनशील परीक्षा माना जाता था, उसी का पेपर कथित तौर पर राज्यों में खुलेआम घूमता रहा और सिस्टम को भनक तक नहीं लगी।
३ मई को आयोजित परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में जबरदस्त गुस्सा है। लाखों छात्रों ने सालभर दिन-रात मेहनत कर परीक्षा दी थी। कई छात्र कोचिंग के लिए अपने घरों से दूर बड़े शहरों में रह रहे थे। परीक्षा खत्म होने के बाद कुछ छात्र घर लौट चुके थे तो कई परिवार छुट्टियों पर निकल गए थे, लेकिन अचानक परीक्षा रद्द होने के पैâसले ने छात्रों को दोबारा तनाव और अनिश्चितता में धकेल दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस पेपर लीक नेटवर्क की जांच राजस्थान पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां मिलकर कर रही हैं। मामले में नासिक से एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। संबंधित व्यक्ति को नासिक के इंदिरानगर पुलिस थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसकी भूमिका सिर्फ पेपर पहुंचाने तक सीमित थी या वह पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा था। पुलिस उसके आर्थिक लेन-देन, संपर्कों और अन्य राज्यों से जुड़े लिंक खंगाल रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब सीबीआई तक पहुंच चुकी है। जयपुर से गिरफ्तार मनीष नाम के आरोपी को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि परीक्षा से पहले ही संभावित सवालों की जानकारी उसके पास पहुंच गई थी। इसके बाद कथित तौर पर करोड़ों रुपए लेकर प्रश्नपत्र अलग-अलग राज्यों में भेजे गए। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे खेल में शिक्षा माफिया, कोचिंग सिंडिकेट और परीक्षा प्रणाली से जुड़े अंदरूनी लोग शामिल थे या नहीं? देशभर में इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी भूचाल ला दिया है। विपक्ष केंद्र सरकार और एनटीए पर सवाल उठा रहा है कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा में सेंध वैâसे लगी? अगर नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षित नहीं रह सकी तो देश की बाकी परीक्षाओं की सुरक्षा कितनी भरोसेमंद है?
