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नेपाल के उड़ते और बिगड़ते कल्चर को बड़ा झटका

-इसी बीच नेपाल में राजशाही की मांग फिर उठना राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है। जोगबनी सीमा से नेपालप्रवेश के लिए भारतीयों से पहचान पत्र मांगना भी सुरक्षा सख्ती का नया संकेत है।

भारत-नेपाल के बीच सदियों पुराना रोटी-बेटी का रिश्ता है, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस भरोसे को चिंता में बदल रहे हैं। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की क्षेत्रीय इकाई एपीजी ने नेपाल को चेताया है कि वित्तीय अपराधों और संदिग्ध फंडिंग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उसे ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। यह चेतावनी नेपाल में बढ़ते मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर सट्टेबाजी, संदिग्ध विदेशी फंडिंग और आतंकी नेटवर्क की आशंकाओं के बीच आई है।
भारत में नेपाली नागरिक की जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी, नेपालगंज के मंदिरों-मदरसों से आतंकी गतिविधियों के इनपुट, लुंबिनी-तराई क्षेत्र में धन वितरण के दावे और चीनी संस्था द्वारा युवाओं को फंडिंग जैसी खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मोरंग में रूस-प्रशिक्षित साइबर विशेषज्ञ द्वारा कॉल सेंटर चलाने और सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े होने का मामला भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। इसी बीच नेपाल में राजशाही की मांग फिर उठना राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है। जोगबनी सीमा से नेपालप्रवेश के लिए भारतीयों से पहचान पत्र मांगना भी सुरक्षा सख्ती का नया संकेत है। भारत के सीमावर्ती जिलों में नेपाल से विवाह कर आई महिलाओं की नागरिकता को लेकर भी संवैधानिक और मानवीय सवाल खड़े हो रहे हैं। भरोसे की खुली सीमा अब सतर्कता की मांग कर रही है।

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