मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
-अब्दुल्ला की सात साल की सजा बरकरार… दोनों पर जुर्माने की राशि भी बढ़ाई गई
आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सरकार की अपील मंजूर करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आजम खां की सजा सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी है। साथ ही उन पर लगाया गया 50 हजार रुपये का जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
हालांकि अब्दुल्ला आजम को आंशिक राहत मिली है। उनकी सात वर्ष की सजा बरकरार रखी गई है, लेकिन जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई। पहले उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है। यानी जुर्माने में साढ़े तीन लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
इस मामले में नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम दोनों को सात-सात वर्ष की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद बचाव पक्ष ने सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील की थी।
सजा बढ़ाने संबंधी अपील पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए आजम खां की सजा और जुर्माना दोनों बढ़ा दिए।
इससे पहले 16 मई को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन डीएम को “तनखैया” कहने और उनसे जूते साफ कराने संबंधी बयान देने के मामले में भी अदालत ने आजम खां को दो वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
बेटे के दो पैन कार्ड मामले में सजा सुनाए जाने के बाद से आजम खां और अब्दुल्ला आजम नवंबर 2025 से जेल में हैं। डीएम पर टिप्पणी वाले मामले की सुनवाई के दौरान आजम खां जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही से जुड़े रहे।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ यह मामला भोट थाना क्षेत्र में दर्ज कराया गया था। आरोप था कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भोट इलाके में आयोजित रोड शो में उन्होंने जनता के बीच यह विवादित बयान दिया था। उस समय सपा-बसपा गठबंधन था और रामपुर लोकसभा सीट से आजम खां प्रत्याशी थे।
बयान का वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आदेश के बाद चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के एआरओ एवं टांडा के एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने 11 मई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
