– चार पर्यटक जान बचाकर भागे
– सुरक्षा रक्षकों ने हॉकी और रॉड से पीटा
सामना संवाददाता / वाराणसी
धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यह पीएम नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र भी है। यहां उनके नाम पर एक ‘नमो घाट’ भी बनाया गया है। इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत वाराणसी की नई पहचान बताया जाता है, मगर वहां सुरक्षा के नाम पर तैनात बाउंसरों और गार्ड्स ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। महज एंट्री को लेकर हुई मामूली कहासुनी में एक गरीब टूरिस्ट को लाठी-डंडों और रॉड से इतना पीटा गया कि उसकी जान चली गई।
वाराणसी के नमो घाट पर एक पर्यटक को सिक्योरिटी गार्ड्स और बाउंसरों ने मिलकर हॉकी, रॉड और डंडों से पीड-पीटकर उसका मर्डर कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, राजेश और उसके साथी सोनभद्र से वाराणसी घूमने आए थे। तड़के सुबह समय से पहले नमो घाट पहुंचने और नमो घाट पर एंट्री को लेकर पर्यटकों तथा सिक्योरिटी गार्ड्स में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड्स और बाउंसरों ने मिलकर सभी पांच पर्यटकों पर हमला कर दिया, जिसमें एक पर्यटक राजेश उर्फ चिंटू जायसवाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य भी बुरी तरह घायल हो गए। फिलहाल पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, सोनभद्र के रायपुर थाना क्षेत्र के पडली गांव के रहने वाले राजेश उर्फ चिंटू जायसवाल अपने चार साथियों के साथ तड़के सुबह ही नमो घाट पर घूमने पहुंच गए थे। नमो घाट के गेट नंबर २ पर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स और उनके बीच एंट्री को लेकर कहासुनी हुई।
सब्जी बेचता था
बताया जा रहा है कि चिंटू अपने घर का इकलौता कमाने वाला था और सब्जी बेचकर पूरे परिवार का खर्च चलाता था। शिकायत पर पुलिस ने चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी की भी तलाश में जुटी हुई है।
स्मार्ट सिटी का ‘क्रूर’ चेहरा
इससे पहले भी नमो घाट के सिक्योरिटी गार्ड्स और बाउंसरों पर लोगों से मारपीट व दुर्व्यवहार के कई आरोप लग चुके हैं, लेकिन थाने पहुंचते ही मामला शांत कर दिया जाता है। नमो घाट का संचालन स्मार्ट सिटी ने एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा है इसलिए सुरक्षा भी उसी कंपनी के निजी सुरक्षा गार्ड्स और बाउंसरों द्वारा कराई जाती है।
