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लाडली बहन योजना की जांच शुरू…और ६० लाख बहनों को बाहर करने की तैयारी!.. विपक्ष का गंभीर आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद लाडली बहन योजना से ८० लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया है। हालांकि, इसके बाद भी लाभार्थियों की जांच जारी है। विपक्ष का आरोप है कि अगले एक वर्ष में सरकार इस योजना से ५० से ६० लाख और महिलाओं को बाहर करने की तैयारी कर रही है।
इन आरोपों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (वैâग) के मानकों और ऑडिट प्रक्रिया के कारण योजना की गहन जांच करना आवश्यक हो गया है। इससे स्पष्ट लग रहा है कि आगामी दिनों में ६० लाख लाडली बहनों को बाहर किया जाएगा। बता दें कि ई-केवाईसी के बाद मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के लाभार्थियों की संख्या ८० लाख कम होकर लगभग १ करोड़ ६६ लाख रह गई है। विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि आगामी जांच प्रक्रिया में इनमें से भी ५० से ६० लाख महिलाओं को अपात्र घोषित किया जा सकता है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील ने इस जांच प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले बिना किसी ठोस सत्यापन के लाखों महिलाओं को योजना में शामिल किया गया, लेकिन चुनाव के बाद अब बड़ी संख्या में लाभार्थियों को अपात्र घोषित किया जा रहा है।
महिलाओं के साथ विश्वासघात
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बड़े प्रचार के साथ शुरू की गई लाडली बहन योजना के माध्यम से महिलाओं को आश्वासन दिया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार उन्हीं महिलाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

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