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शराब के अवैध कारोबार पर वार!

-विगत ७ महीनों में १११ मामले दर्ज, १०९ गिरफ्तार
-ठाणे जिले के आबकारी अधीक्षक प्रवीण तांबे ने बताया कि स्टाफ की कमी के बावजूद विभाग की टीमें लगातार फील्ड पर काम कर रही हैं। उनका उद्देश्य जिले से अवैध शराब के कारोबार को खत्म करना और लाइसेंसधारियों से नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है।

सुरेश गोलानी / मुंबई
ठाणे जिले के आबकारी विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बी और सी डिवीजन की टीमों ने जनवरी से अगस्त २०२६ तक पिछले ७ महीनों में छापेमारी कर मीरा-भायंदर में कुल १११ मामले दर्ज किए हैं। इनमें कच्ची शराब बनाना, अवैध बिक्री, लाइसेंस प्राप्त दुकानों द्वारा भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल), अवैध परिवहन और देसी शराब की अवैध बिक्री से संबंधित उल्लंघनों का समावेश है। इस दौरान १०९ लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो वाहन भी जब्त किए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान विभाग ने लगभग २४,१५० बल्क लीटर रसायन, ५,६१७ बल्क लीटर अवैध शराब, १२८.५९ बल्क लीटर देसी शराब, ६८०.७६ बल्क लीटर आईएमएफएल, २१७ बल्क लीटर ताड़ी और १८८ बल्क लीटर से अधिक बीयर जब्त की गई है। जब्त किए गए वाहन और शराब का कुल मूल्य २२,७४,५६० रुपए से अधिक है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने पर १० बीयर शॉप के लाइसेंस १५ दिनों के लिए निलंबित किए गए हैं। आरोप है कि बीयर शॉप पर बैठकर पीने-पिलाने पर पाबंदी के बावजूद शहर में कई बीयर की दुकानें मिनी बार की तरह चल रही हैं और वहां देर रात तक खुलेआम शराब परोसी जा रही है। ज्ञात हो कि अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर तीन से पांच साल तक का कारावास, २५,००० से ५०,००० रुपए तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। विभाग को नियमों के उल्लंघन करने पर ऐसी दुकानों का लाइसेंस रद्द करने का भी अधिकार है।

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