मुख्यपृष्ठस्तंभपेपर लीक में भी ‘फायदा’ खोजने वाली बनेंगी शिक्षा मंत्री?

पेपर लीक में भी ‘फायदा’ खोजने वाली बनेंगी शिक्षा मंत्री?

-निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय मिलने की चर्चा, छात्रों को मिला था उनका ‘ब्रह्म ज्ञान’, दोबारा परीक्षा ने तैयारी का मौका दिया!

मोदी सरकार में शिक्षा मंत्रालय को लेकर एक दिलचस्प नाम चर्चा में है, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच यह चर्चा ऐसे समय उठी है, जब नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के दबाव में धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद छोड़ चुके हैं।
सीतारमण का नाम आते ही छात्रों को उनका वह बयान याद आना स्वाभाविक है, जिसने पेपर लीक विवाद के बीच नई बहस खड़ी कर दी थी। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक और दोबारा परीक्षा से शुरुआत में छात्रों को परेशानी हुई, लेकिन कई विद्यार्थियों ने मिले अतिरिक्त समय का इस्तेमाल बेहतर तैयारी और प्रदर्शन के लिए किया। विपक्ष और छात्र संगठनों ने इसे पेपर लीक में भी ‘फायदा’ तलाशने वाला तर्क बताकर तीखी आलोचना की थी। अब यदि वही निर्मला सीतारमण शिक्षा मंत्री बनती हैं तो राजनीतिक व्यंग्य का पूरा मसाला तैयार है, पेपर लीक हो तो घबराइए मत, इसे अतिरिक्त पढ़ाई का अवसर समझिए! लेकिन इसके पीछे राजनीतिक गणित भी कम दिलचस्प नहीं। तमिलनाडु में नीट का विरोध फिर तेज है और विधानसभा इसे समाप्त करने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। सीतारमण खुद तमिलनाडु से आती हैं और जेएनयू की पूर्व छात्रा हैं।
फिलहाल उन्हें शिक्षा मंत्री बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए इसे संभावित कैबिनेट फेरबदल से जुड़ी चर्चा ही माना जाना चाहिए, लेकिन सवाल मजेदार और गंभीर दोनों है। जिस शिक्षा व्यवस्था में छात्र पेपर लीक से न्याय मांग रहे हैं, वहां नया शिक्षा मंत्री ऐसा तो नहीं होगा जो पहले उन्हें पेपर लीक के ‘फायदे’ समझाए?

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