-हाई कोर्ट की फटकार के बाद जागी मनपा
-८३५ साइट्स पर रोक, ९७७ को नोटिस जारी
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की हवा में धूल उड़ाने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स के खिलाफ कई शिकायतें कीं जा रही थी, लेकिन मनपा कानों में तेल डाले बैठी थी। आखिरकार मुंबई हाई कोर्ट की सख्ती और आदेश के बाद मनपा को होश आया और उसने उन निर्माण स्थलों के जरिए प्रदूषण पैâलानेवाले बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। इसके तहत, जनवरी से जून के बीच ८३५ कंस्ट्रक्शन साइट्स को काम रोकने का नोटिस जारी किया गया है, और ९७७ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कारण बताओ और काम रोको!
मुंबई में प्रदूषण का लेबल खतरनाक स्तर को पार कर चुका है, पर मनपा को इसकी परवाह ही नहीं है। अब हाई कोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। अक्टूबर २०२३ में मुंबई में हवा की क्वालिटी खराब होने के बाद, मनपा ने एक सर्वुâलर जारी करके साइट्स पर पॉल्यूशन कंट्रोल के तरीके लागू करना जरूरी कर दिया था। लेकिन मुंबई हाई कोर्ट ने धूल के प्रदूषण को असरदार तरीके से कंट्रोल करने में नाकाम रहने के लिए मनपा को आड़े हाथों लिया था और उसे और सख्त एक्शन लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद मनपा ने अपना इंस्पेक्शन और एनफोर्समेंट वैंâपेन तेज कर दिया। अब साइट्स पर तय २८ गाइडलाइंस का पालन नहीं करने पर संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस और काम रोकने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
इन नियमों के अनुपालन पर नजर रखने के लिए मनपा के २४ प्रशासनिक विभाग में ९६ इंस्पेक्शन टीमें काम कर रही हैं। हालांकि, इंस्पेक्शन से पता चला है कि कई साइट्स पर अभी भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है। मनपा के एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज डिपार्टमेंट और वार्ड लेवल एडमिनिस्ट्रेशन ने मिलकर मुंबई में ३,०९३ कंस्ट्रक्शन साइट्स का इंस्पेक्शन किया है। इंस्पेक्शन में धूल कंट्रोल के तरीकों में कई कमियां पाई गर्इं। जिसके बाद संबंधित प्रोजेक्ट्स के खिलाफ एक्शन लिया गया।
