प्रदेश प्रवक्ता, झारखंड प्रदेश कांग्रेस
अनिल मिश्र / रांची
भारतीय जनता पार्टी चाहे झारखंड बंद कराए या छात्रों के कंधे पर राजनीति की बंदूक चलाए, सत्ता में वापसी अब मुंगेरीलाल के हसीन सपने से ज्यादा कुछ नहीं है। इस संबंध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने भाजपा के झारखंड बंद को पूरी तरह सुपर फ्लॉप बताते हुए कहा कि भाजपा चाहे सड़क पर बंद की राजनीति करे या छात्रों के कंधे पर चढ़कर अपनी राजनीतिक बंदूक चलाए, झारखंड की जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। भाजपा की सत्ता में वापसी अब मुंगेरीलाल के हसीन सपने से ज्यादा कुछ नहीं है।
इस बीच कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता नायक ने कहा कि आज के बंद ने भाजपा की जमीनी राजनीतिक हैसियत और जनसमर्थन की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। आम जनता ने अपने कामकाज को जारी रखते हुए भाजपा की बंद की राजनीति को नकार दिया। जनता को बंद, भय और टकराव नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, विकास और सामाजिक न्याय चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा को छात्रों की इतनी ही चिंता है तो वह पहले अपने कार्यकाल में किए गए घोटालों के लिए राज्य के युवाओं से माफी मांगे। छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा पहले छात्रों के कंधे पर राजनीतिक बंदूक रखती है और फिर कानून-व्यवस्था के नाम पर राजनीति करती है। उसका यह दोहरा चरित्र अब जनता अच्छी तरह समझ चुकी है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा से सीधा सवाल किया और कहा कि अपने पूर्व के कार्यकाल में किए गए पापों और भ्रष्टाचार के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बंद और टकराव की राजनीति कर रही है। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन आम जनता को परेशान करना और छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस गठबंधन की हेमंत सोरेन सरकार युवाओं, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आदिवासी-मूलवासी अधिकार और झारखंड के विकास को लेकर काम कर रही है। भाजपा को बंद की राजनीति छोड़कर जनता के बीच अपने शासन और नीतियों का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा, “भाजपा झारखंड बंद करा सकती है, लेकिन झारखंड की जनता का विवेक बंद नहीं कर सकती। आज का सुपर फ्लॉप बंद भाजपा के लिए जनता का साफ संदेश है—बंद और नफरत की राजनीति छोड़िए, जनहित की राजनीति कीजिए। सत्ता में वापसी का सपना देखना भाजपा का अधिकार है, लेकिन उस सपने को स्वीकार करना या नकारना झारखंड की जनता के हाथ में है।”
