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दिल्ली के कदमों में लोटनेवाले ‘टाइगर’ कैसे हुए? …सांसद अरविंद सावंत का शिंदे गुट पर करारा प्रहार

सामना संवाददाता / मुंबई
‘बाघ के दांत होते हैं, दहाड़ होती है और स्वाभिमान होता है। लेकिन जो लगातार दूसरों के सहारे राजनीति करता है और दिल्ली के सामने सिर झुकाते रहता है, वह ‘टाइगर’ वैâसे हो सकता है?’ यह तीखा हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता और सांसद अरविंद सावंत ने शिंदे गुट पर किया।
शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने कल शिर्डी में साई बाबा के दर्शन के बाद पत्रकार परिषद में सत्ताधारियों पर जोरदार निशाना साधा। सावंत ने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं का खुलेआम दमन किया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता खत्म करने की कोशिश हो रही है। चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था को भी सरकार के प्रभाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि न्यायपालिका और चुनाव व्यवस्था स्वतंत्र नहीं रहेंगी तो लोग न्याय के लिए किसके पास जाएंगे? प. बंगाल में ईवीएम मशीनें जलने की घटना पर सावंत ने कहा कि इसका सच सामने न आए, इसके लिए कई बातें दबाई जा रही हैं। इसे लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने के लिए इस मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल
ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं पर छापे, जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाती है, लेकिन जैसे ही वही नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाते हैं, उन पर सभी कार्रवाइयां रुक जाती हैं।
पहले आरोप फिर पार्टी में
जिन नेताओं पर स्वयं प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और जिनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने आंदोलन किए थे, उन्हीं नेताओं को बाद में पार्टी में शामिल कर मंत्री पद दिए गए। इसलिए भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का रुख केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार है।

 

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