मुख्यपृष्ठअपराधसुल्तानपुर में रिश्वत लेते दोबारा दबोचा गया बेशर्म भ्रष्टाचारी कानूनगो!

सुल्तानपुर में रिश्वत लेते दोबारा दबोचा गया बेशर्म भ्रष्टाचारी कानूनगो!

– पैमाइश रिपोर्ट के लिए सरेराह ले रहा था रिश्वत में किसान से १२ हजार रुपए

-पुलिस की एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

अवध क्षेत्र के सुल्तानपुर जिले के सरकारी अमले में भ्रष्टाचार की नंगी तस्वीर रविवार को सामने आई। रिश्वतखोरी में ढाई साल पूर्व जेल जाने के बावजूद राजस्व विभाग का क़ानूनगो राजितराम नहीं सुधरा। सीमांकन के एवज में बारह हजार रुपये एक ग्रामीण से रिश्वत लेते हुए उसे पुलिस की एंटी करप्शन टीम ने जिला मुख्यालय के एक मुख्य चौराहे पर दोबारा दबोच लिया। स्थानीय थाने में केस दर्ज करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने उसे न्यायालय में रिमांड के लिये पेश किया।
बता दें कि राजितराम सुल्तानपुर की लंभुआ तहसील अंतर्गत हनुमानगंज हल्के का कानूनगो है। इसी इलाके के मणिकापुर परासिन निवासी अजय कुमार ने अपनी भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। इस कार्य को करने की एवज में कानूनगो रिश्वत की मांग कर रहा था। अजय ने उसकी करतूत की शिकायत अयोध्या मंडल के भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की। जिस पर एक्शन में आए एंटी करप्शन स्क्वॉड ने निरीक्षक संजय सिंह के नेतृत्व में नियोजित ढंग से कार्रवाई की। कानूनगो को शहर के डाकखाना चौराहे के पास शिकायतकर्ता से १२ रिश्वत लेते हुए छापा मारकर दबोच लिया। अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
बता दें कि ये वही राजितराम है जो इससे पहले १३ दिसंबर,२३ को भी कादीपुर तहसील में तैनाती के दौरान पांच हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। एक ही सरकारी कर्मचारी का दूसरी बार रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल है। दूसरी बार उसी आरोप में उसकी गिरफ्तारी ने विभागीय निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

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