हिमांशु राज
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनई की 28 फ़रवरी 2026 को शहादत की घोषणा के बाद देश में राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। तेहरान में राज्य स्तरीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यालय सर्वोच्च नेता के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग ने भारत के श्री स्वामी सारंग (डॉ. सारंग मोहिले), ग्लोबल पीस फाउंडेशन को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। निमंत्रण पत्र में भारत और ईरान के ऐतिहासिक एवं रणनीतिक संबंधों का विशेष उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि स्वामी सारंग की उपस्थिति दोनों देशों के बीच गहरे सौहार्द और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक होगी।
स्वामी सारंग ने अपने स्वीकार-बयान में कहा है कि यह निमंत्रण व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि भारत की उस सनातन परंपरा का सम्मान है, जो संवाद, सह-अस्तित्व, आध्यात्मिक गरिमा और मानवता को सर्वोच्च मानती आई है। उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि मानवता, सभ्यताओं के परस्पर सम्मान और विश्व-शांति के एक साधक के रूप में इस यात्रा में सम्मिलित हो रहे हैं। स्वामी सारंग ने आगे लिखा, “कर्बला की अमर विरासत हमें सिखाती है कि शक्ति की सबसे ऊँची अभिव्यक्ति विजय में नहीं, बल्कि सत्य पर अडिग रहने के साहस में होती है।” उन्होंने शांति, विवेक और परस्पर सम्मान की कामना की और “वसुधैव कुटुम्बकम् — इंसानियत सबसे बड़ा मजहब है” का संदेश दिया।
निमंत्रण के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को इमाम खुमैनी (रह.) ग्रैंड मस्जिद परिसर, तेहरान में महान नेता को अंतिम विदाई दी जाएगी। 4 जुलाई 2026 को समिट कॉन्फ्रेंस हॉल, तेहरान में श्रद्धांजलि सत्र आयोजित होगा, जबकि 6 जुलाई 2026 को तेहरान में मृतक सर्वोच्च नेता की अंतिम यात्रा तथा शवयात्रा निकाली जाएगी।
पत्र पर मोहसिन क्यूम्मी, निदेशक, अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग, कार्यालय सर्वोच्च नेता ने उच्च सम्मान व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर किए हैं। यह सूचना संबंधित प्रोटोकॉल, राज्य शोक और कूटनीतिक परंपराओं के तहत प्रकाशित की जा रही है।
