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मौत से पहले डायना के ५ खुलासे… आज भी दुनिया को झकझोरते हैं!..राजमहल की चमक के पीछे का दर्द…डर और टूटे रिश्तों की दास्तान

ब्रिटेन की दिवंगत राजकुमारी डायना को दुनिया से गए करीब तीन दशक होने को हैं, लेकिन उनकी कही और लिखी बातें आज भी चर्चा में रहती हैं। ३१ अगस्त १९९७ को पेरिस में कार हादसे में उनकी मौत हो गई थी, मगर उससे पहले के वर्षों में डायना ने कई ऐसे बयान दिए, जिन्होंने ब्रिटिश राजघराने की चमकदार दीवारों के पीछे छिपे दर्द, अकेलेपन और टूटन को दुनिया के सामने रख दिया।
डायना का सबसे चर्चित बयान १९९५ के बीबीसी पैनोरमा इंटरव्यू में आया था। अपनी शादी पर बोलते हुए उन्होंने कहा था कि इस विवाह में ‘हम तीन लोग थे’, इशारा तत्कालीन प्रिंस चार्ल्स और वैâमिला पार्कर बाउल्स के रिश्ते की ओर था। यह बात इसलिए भी सनसनीखेज थी, क्योंकि शाही परिवार के सदस्य आम तौर पर निजी रिश्तों पर इतनी खुलकर बात नहीं करते थे।
इसी इंटरव्यू में डायना ने यह भी कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि वे कभी ब्रिटेन की महारानी बनेंगी। इसके बजाय उन्होंने खुद को ‘लोगों के दिलों की रानी’ बनने की इच्छा से जोड़ा। अस्पतालों, बच्चों, एड्स मरीजों और आम लोगों के बीच उनकी सक्रियता ने उनके इस भाव को और मजबूत किया।
सबसे रहस्यमय दावा उस पत्र से जुड़ा है, जो कथित तौर पर डायना ने अपने पूर्व बटलर पॉल बरेल को दिया था। इसमें उन्होंने आशंका जताई थी कि उनकी कार के साथ ‘हादसा’ कराया जा सकता है। बाद में पेरिस कार दुर्घटना के बाद इस पत्र ने कई साजिशी चर्चाओं को जन्म दिया। हालांकि प्रâांस और ब्रिटेन की आधिकारिक जांचों में ऐसे दावों के पक्ष में प्रमाण नहीं मिले और हादसे का कारण तेज रफ्तार, चालक का नशे में होना तथा पैपराजी का पीछा बताया गया।
डायना ने अपने मानसिक संघर्षों पर भी असाधारण खुलापन दिखाया। उन्होंने विवाह के दौरान बुलिमिया से जूझने की बात कही और इसे अपने भीतर चल रही उथल-पुथल का लक्षण बताया। उस दौर में किसी वरिष्ठ शाही सदस्य द्वारा मानसिक स्वास्थ्य और खान-पान से जुड़ी बीमारी पर ऐसी साफगोई बेहद दुर्लभ थी।
डायना की यही बेबाकी उन्हें राजमहल की औपचारिकता से अलग करती थी। वे उपाधियों से ज्यादा इंसानी रिश्तों को महत्व देती थीं। शायद यही वजह है कि उनकी बातें आज भी केवल शाही इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि एक ऐसी महिला की गवाही मानी जाती हैं, जिसने चमक-दमक के बीच अपने दर्द को छिपाने के बजाय दुनिया से बांट दिया।

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