अरुण कुमार गुप्ता
भाजपा नेता इतने अहंकारी हो गए हैं कि अब वह भगवान श्रीराम भक्त हनुमान जी को भी सड़क पर नचा रहे हैं। जी, हां! भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत में लखनऊ में जुलूस निकाला गया। जुलूस वाले वाहन पर नितिन नवीन के साथ कई भाजपा नेता सवार थे और वाहन के सामने एक कलाकार हनुमान जी का रूप धारण कर नाचता हुआ नजर आया। अब सवाल यह है कि धर्म की राजनीति करनेवाली भाजपा इतनी अहंकारी हो गई है कि हनुमान जी को भी सड़क पर नचा रही है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करने में भाजपा नेताओं को शर्म नहीं आ रही है। यहां यह भी याद दिला दें कि इसके पहले नरेंद्र मोदी ने हनुमान जी की तस्वीर वाली पतंग उड़ाई थी। यहां दूसरा सवाल यह भी है कि भाजपा नेताओं की इस बेशर्मी पर हिंदू संगठन चुप क्यों हैं। यदि किसी विपक्षी पार्टी का नेता ऐसा किया होता तो बीजेपी वाले और उसके समर्थक आसमान सिर पर उठा लिए होते। बीजेपी वालों ने लोगों की आस्था का मजाक बनाकर रख दिया है। नितिन नवीन लखनऊ पहुंचे और उनके स्वागत वाले वाहन के सामने हनुमान जी नाचते हुए नजर आए, लेकिन धर्म की राजनीति करने वाले भाजपा नेताओं और अंध भक्तों को इसमें कुछ आपत्तिजनक नजर नहीं आया। सवाल यही है कि जितना नुकसान भाजपा ने सनातन हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के ५,००० साल के इतिहास में बाहर से आने वाले आताताइयों ने भी नहीं किया है। जितना हिंदुओं को भाजपा वालों ने लूटा है आज तक किसी ने नहीं लूटा। हिंदू धर्म के नाम पर भाजपावाले कलंक हैं। पहले भगवान श्रीराम को लूटा। अब उनके भक्त हनुमान जी को सड़क पर नचा रहे हैं। घोर अपमान!शर्मनाक!
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक या खानापूर्ति
खबर आई है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र अयोध्या के श्रीराम मंदिर में हुई लूट को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कल बैठक हुई। बैठक में गोपाल राव को भाग लेने नहीं दिया गया। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा की छुट्टी हो गई। अब आप मुद्दा समझिए, चंपत राय, अनिल मिश्रा को बाहर करने से समाधान नहीं हो पाएगा। गोपाल राव को आईना दिखाया गया, लेकिन यह समझना पड़ेगा कि ट्रस्ट की बैठक की कोई विश्वसनीयता नहीं है। क्योंकि इसी ट्रस्ट की देख-रेख में श्रीराम मंदिर में करोड़ों की डवैâती हुई है। हमारे आराध्य भगवान श्रीराम को लूटा गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पत्र लिखा। पत्र में लिखा कि जिस तरह मंदिर में चोरी हुई है उससे हमारी भावना आहत हुई है। मगर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा विश्वास जताया। मोदी द्वारा लाए गए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा उनकी भावना भी आहत हुई है। लेकिन देश के करोड़ों लोगों की भावना आहत हुई है, इससे इन लोगों को कोई लेना-देना नहीं है। यह लोग सिर्फ देशवासियों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे ज्यादा शॉकिंग क्या हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक करोड़ों की इस डवैâती पर खामोश हैं। मोदी फिर विदेश यात्रा पर निकल गए हैं। जकार्ता में स्वागत करवा रहे हैं। मोदी की खामोशी पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन जो बात सामने आ रही है उससे यही समझ में आ रहा है कि यह सारा खेल दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई का है। यदि बात सच है तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात कुछ नहीं हो सकती। पहले राम मंदिर में चंदा चोरी, उससे पहले जमीन की बंदरबांट और अब राजनीतिक लड़ाई लखनऊ और दिल्ली के बीच। काफी शर्मनाक!
