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मुंबई दर्शन पर निकल पड़े झील के ‘मेहमान’!

-७ फीट का मगरमच्छ, ११ नन्हें मगरमच्छ, कोबरा और रसेल वाइपर भी सैर पर निकले

जेदवी / मुंबई

मुंबई की बारिश हर साल अपने साथ कोई न कोई अनोखा किस्सा लेकर आती है। कभी सड़कें दरिया बन जाती हैं, कभी लोकल ट्रेनें थम जाती हैं और इस बार तो पवई झील का एक ‘मेहमान’ ही शहर की सैर पर निकल पड़ा। मूसलाधार बारिश के बाद पवई झील का पानी ओवरफ्लो हुआ और करीब सात फीट लंबा भारतीय मार्श मगरमच्छ बहते-बहते मोरारजी नगर के रिहायशी इलाके तक पहुंच गया। देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
दरगाह और एनआईटीआईई परिसर के पास सड़क पर टहलते मगरमच्छ को जिसने भी देखा, उसके कदम वहीं रुक गए। मगरमच्छ भी शायद इस नई दुनिया में खुद को असहज महसूस कर रहा था। कभी किसी खड़ी गाड़ी के नीचे छिपने की कोशिश करता तो कभी संकरी नाली में सुरक्षित ठिकाना तलाशता नजर आया। लेकिन सबसे दिलचस्प नजारा तब दिखा, जब इलाके में खबर पैâलते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो शहर के बीचोंबीच जंगल सफारी शुरू हो गई हो। कई लोग बारिश, जलभराव और रोजमर्रा की परेशानियां भूलकर इस अनोखे मेहमान को देखने पहुंच गए। सूचना मिलते ही चार सदस्यीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। काफी सतर्कता और धैर्य के साथ चले अभियान के बाद मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया गया।
वैसे, इस मानसून में यह कोई अकेली घटना नहीं है। भांडुप स्थित म्युनिसिपल वॉटर प्यूरिफिकेशन प्लांट के टैंक से ११ मगरमच्छ के बच्चों को सुरक्षित निकाला गया और उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया, वहीं आरे मिल्क कॉलोनी और गोरेगांव में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से निकलकर कोबरा, रसेल वाइपर और अन्य जहरीले सांप लगातार रिहायशी इलाकों में दिखाई दे रहे हैं। मुलुंड और ठाणे में भी मॉनिटर लिजार्ड तथा विभिन्न प्रजातियों के सांपों के रेस्क्यू की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

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