-इराक में ईरानी प्रॉक्सी को मिलीं क्रूज मिसाइलें
-तेहरान ने खोला नया मोर्चा, तेजी से हो रही मिसाइलों की सप्लाई
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजरायल के लिए खतरे की घंटी और तेज बजने लगी है। ईरान अब सीधे युद्ध के बजाय अपने प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए नया दबाव बना रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इराक में सक्रिय ईरान समर्थित शिया मिलिशिया गुटों को क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से लैस किया जा रहा है। इससे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली शहरों पर हमले का खतरा बढ़ गया है।
ईरान समर्थित ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ नामक समूह पहले भी इजरायल के तेल अवीव सहित कई ठिकानों को क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा कर चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इराक और लेबनान के ईरान समर्थित सशस्त्र गुट अमेरिका-इजरायल के खिलाफ युद्ध में अपनी भूमिका बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका-इजरायल के खिलाफ ईरान का ‘नया मोर्चा’ तैयार!
ईरान अब युद्ध के नए मोर्चे खोल रहा है। उसकी मिसाइलें इराकी प्रॉक्सी तक पहुंच रही हैं। इससे अमेरिका और इजरायल पर खतरा बढ़ गया है। खतरा इसलिए गंभीर है क्योंकि इराक की जमीन से दागी गई लंबी दूरी की मिसाइलें सीधे अमेरिकी ठिकानों, इजरायल के सामरिक केंद्रों और खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा लाइनों को निशाना बना सकती हैं।
‘ईरान की रणनीति साफ है खुद सामने आए बिना अपने सहयोगी गुटों के जरिए अमेरिका और इजरायल को कई मोर्चों पर उलझाना। लेबनान में हिजबुल्लाह, यमन में हूती और इराक में शिया मिलिशिया ये तीनों मिलकर ईरान की ‘आग की अंगूठी’ बनाते हैं। हाल के महीनों में हूती भी इजरायल पर बैलिस्टिक, ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमले कर चुके हैं। अब आशंका यह है कि यदि इराकी प्रॉक्सी ने अमेरिकी बेस या इजरायल पर बड़ा हमला किया तो जवाबी कार्रवाई सीधे ईरान तक जा सकती है। यानी एक चिंगारी पूरे मध्य-पूर्व को महाविनाश की आग में झोंक सकती है।
