मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले 20 कर्मचारियों ने त्यागपत्र दे दिया। खबर है कि चढ़ावे में कथित गबन की जांच शुरू होने के बाद कार्य का दबाव बढ़ने और बदली कार्यप्रणाली के चलते कर्मचारियों ने यह फैसला लिया। इस्तीफों के बाद अब गिनती केंद्र में केवल करीब एक दर्जन कर्मचारी ही नियमित रूप से काम कर रहे हैं। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, गबन का मामला सामने आने के बाद ही कर्मचारियों की उपस्थिति कम होने लगी थी। पहले जहां करीब 40 कर्मचारी इस कार्य में लगे थे, वहीं जांच के बाद केवल 15 से 20 कर्मचारी ही नियमित रूप से ड्यूटी पर आ रहे थे। अब इनमें से करीब 20 कर्मचारियों ने भी इस्तीफा दे दिया है।
कर्मचारियों का कहना है कि पहले चढ़ावे की गिनती दो शिफ्टों में होती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया एक ही शिफ्ट में करीब नौ से दस घंटे तक चलती है। इसके बावजूद मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। उन्होंने यह भी बताया कि पहले टेबल-कुर्सियों पर बैठकर गिनती होती थी, जबकि अब फर्श पर बैठकर काम कराया जा रहा है।जांच के बाद गिनती केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था भी काफी सख्त कर दी गई है। कर्मचारियों को कई चरणों की तलाशी के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। उन्हें बिना जूते-चप्पल, मोबाइल फोन और निजी सामान के ही अंदर जाने की अनुमति है। मंदिर परिसर में विभिन्न सुरक्षा जांच से गुजरने के बाद ही वे गिनती केंद्र तक पहुंचते हैं। बताते हैं कि गिनती प्रक्रिया की निगरानी के लिए चार कर्मचारियों की अलग से तैनाती की गई है। ट्रस्ट क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक समान यूनिफॉर्म और डिजिटल एंट्री-एग्जिट सिस्टम लागू करने की तैयारी भी कर रहा है। वहीं, चढ़ावे में कथित गबन मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस जांच के साथ ट्रस्ट की आंतरिक जांच भी जारी है।
