सूफी खान
-अमेरिका ने तो हद ही कर दी
ईरान से आ रही मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान-इराक सरहद पर उस जगह अटैक कर दिया जहां से अरबईन के सफर के लिए ईरान के लोग इराक की तरफ बढ़ते हैं।
ईरानी मीडिया की तरफ से कुछ वीडियो जारी करके इस तरह के दावे किए गए हैं। ये वीडियो ईरान-इराक के बीच शलमचे बॉर्डर का बताया जा रहा है,जो इराक की अहवाज सिटी के करीब है। इसी क्रॉसिंग पर अमेरिका द्वारा हमला किया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में अरबईन के सफर में जा रहे ईरान के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग जख्मी हुए हैं। कहा जा रहा है कि अमेरिका ने अरबईन मार्च के रास्ते पर हमला करके ये बताने की कोशिश की है कि हम यहां भी मार सकते हैं। जबकि जनता का जोश और हाई है। उन्होंने दिखा दिया कि हम नहीं डरेंगे। हमले के बाद क्रॉसिंग पर आग लग गई थी। कुछ ही देर बाद लोगों ने आग पर काबू पाया और शलमचे क्रॉसिंग को फिर से अरबईन के सफर पर ईरान से इराक जाने वालों के लिए खोल दिया गया। गौरतलब है कि इस्लामी माह सफर के हिसाब से ३ अगस्त को अरबईन मनाया जाएगा। अरबईन यानी इमाम हुसैन का चेहल्लुम जो उनकी शाहदत के ४० दिनों बाद मनाया जाता है। इस दौरान दुनिया भर से आए लोग नजफ से कर्बला तक पैदल सफर करते हैं। इससे पहले लाखों लोग ईरान से इराक की तरफ जाने वाली शलमचे बॉर्डर क्रॉस करेंगे। २७ जुलाई को तो ये चरम पर रहेगा क्योंकि इसके बाद अरबईन मार्च शुरु हो जाता है। दरअसल, इस बार का अरबईन-ईरान इराक की यूनिटी का भी संदेश है। ईरान के साथ-साथ इराक में भी इमाम खामेनेई का जनाजा पहुंचा था। ईरान मामलों के जानकार कहते हैं कि इस बार अरबईन के साथ ही ईरान के लोग इराक के लोगों का शुक्रिया करने भी जा रहे हैं क्यों कि ईरान के दुख और मुश्किल वक्त में इराक उसके साथ मजबूती से खड़ा रहा। जबकि वहां अमेरिका भी मौजूद है। इतना ही नहीं जहां अमेरिका ईरान-इराक बॉर्डर पर हमले अंजाम दे रहा था वहीं इराकी प्राइम मिनिस्टर अली अल जैदी २३ जुलाई को ईरान पहुंच गए। यहां ईरानी प्रेसिडेंट ने खुद उनका स्वागत किया। नए इराकी पीएम का ये दौरा ऐसे वक्त में हुआ है, जब अमेरिका ईरान पर हमलावर है और ईरान भी मिडिल ईस्ट से अमेरिकी ठिकानों के सफाए का दावा करता है।
