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समंदर हो गया वसई-विरार

-दूसरे दिन भी जनजीवन बेहाल स्कूल बंद, जलभराव के बीच दफ्तर पहुंचने को मजबूर लोग

सामना संवाददाता / वसई

महाराष्ट्र के पालघर जिले में मानसून ने लगातार दूसरे दिन भी कहर बरपाया। वसई-विरार, नालासोपारा और आसपास के इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई निचले इलाके पानी में डूब गए, सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया, जबकि नागरिकों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।
रातभर हुई तेज बारिश के कारण नालासोपारा (पूर्व) के गाला नगर सहित कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जगह-जगह जलभराव से रिक्शा और छोटे वाहन पानी चीरते हुए गुजरते दिखाई दिए, जबकि कई सड़कों पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सुबह दफ्तर जाने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों को जलमग्न सड़कों से होकर सफर करना पड़ा, जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम और अव्यवस्था देखने को मिली।
बारिश के चलते सामान्य दिनों में बच्चों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाले स्कूल परिसर सूने नजर आए। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी गई हैं। उधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने स्थिति को देखते हुए मुंबई के लिए येलो अलर्ट, जबकि पालघर, ठाणे, रायगड और रत्नागिरी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने दिनभर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और समुद्र तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहरी जलनिकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले घंटों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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