-रोहित पवार का सवाल- पुलिसकर्मी को ड्रग्स का भरोसा कहां से आया?
-तत्काल कार्रवाई की मांग
मुंबई छात्र आंदोलन के बीच पुलिसकर्मी का कथित धमकी भरा वीडियो वायरल होने से सियासी तूफान खड़ा हो गया है। रोहित पवार ने सवाल उठाया- ड्रग्स का नाम लेकर धमकी देने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में छात्र आंदोलन के दौरान एक पुलिसकर्मी की कथित धमकी का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में भूचाल आ गया है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर एक युवक से यह कहते हुए सुनाई देता है, ‘दोबारा दिखा तो ५० ग्राम पाउडर डाल दूंगा।’ इस कथित बयान को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता रोहित पवार ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
रोहित पवार ने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी किसी छात्र या नागरिक को ड्रग्स रखकर फंसाने की धमकी देता है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया, ‘यदि पुलिस ड्रग्स का नाम लेकर धमकी दे रही है, तो क्या उसे ड्रग्स इतनी आसानी से उपलब्ध हो जाता है?’ उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि इससे पुलिस पर जनता का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज यदि आंदोलन कर रहे छात्रों को इस तरह डराया जा रहा है, तो कल किसी भी आम नागरिक को झूठे मामले में फंसाया जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले मानसून सत्र में भी उन्होंने विधानसभा में ड्रग्स माफिया और कुछ पुलिसकर्मियों की कथित सांठगांठ का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि कोई पुलिसकर्मी ‘५० ग्राम पाउडर डाल दूंगा’ जैसी बात कह रहा है, तो आखिर उसके पास ‘पाउडर’ कहां से आया है?
मामले ने तूल पकड़ने के बाद मुंबई पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मी पवन सांगले, जो सायन पुलिस थाने में चालक के पद पर कार्यरत था, को निलंबित कर दिया है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि ऐसी मानसिकता और भाषा पुलिस व्यवस्था में आखिर पनप वैâसे रही है।
निलंबन से नहीं थमेगा विवाद!
सायन पुलिस थाने के चालक पवन सांगले पर कार्रवाई के बाद भी विपक्ष हमलावर है। मांग उठी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और पता लगाया जाए कि पुलिस व्यवस्था में ऐसी मानसिकता आखिर कैसे पनप रही है।
