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स्वच्छता के नाम पर रोज करोड़ों की वसूली फिर भी गंदगी से बेहाल एसटी बस अड्डे

सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी) ने यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से १ जून से राज्यभर में विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया। इसके लिए प्रत्येक टिकट पर दो रुपए का अतिरिक्त स्वच्छता अधिभार लगाया गया। इस शुल्क के माध्यम से प्रतिदिन करीब ५० लाख यात्रियों से लगभग एक करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। इसके बावजूद राज्य के अनेक बस अड्डों, डिपो, शौचालयों और एसटी बसों की बदहाल सफाई व्यवस्था में अब तक कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
महामंडल ने राज्य के ५६० से अधिक बस अड्डों, डिपो, शौचालयों और लगभग १४ हजार एसटी बसों की सफाई का जिम्मा एक निजी कंपनी को सौंपा है। लेकिन अभियान शुरू हुए डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई स्थानों पर गंदगी, दुर्गंध, कचरे के ढेर, टूटे हुए शौचालय, जाम नालियां और बदहाल सफाई व्यवस्था यात्रियों की परेशानी का कारण बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि बस अड्डों के प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, शौचालय और बसों के भीतर नियमित सफाई नहीं हो रही है।

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