अनिल मिश्र / पटना
करीब दो महीने से देशभर के छात्र-युवा, कांग्रेस एवं विपक्षी दलों के कार्यकर्ता तथा सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास तक प्रदर्शन किए जाने के बावजूद नीट पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा परिणाम में कथित भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार मानते हुए उनके इस्तीफे की मांग पूरी नहीं होने के विरोध में गया में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह कर राष्ट्रपति से धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की मांग की।
सत्याग्रह कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार झुन्ना ने की। कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, अमित कुमार उर्फ रिंकू सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, दामोदर गोस्वामी, सैफुल इस्लाम, मदीना खातून, शौकत नवाब अली, रंजीत सिंह, ओंकार शक्ति, अर्जुन गुप्ता, चंदन कुमार महतो, शंभु शर्मा, बबलू कुमार, परशुराम सिंह, मनोज मालाकार, सोहराब खान, शिवनाथ प्रसाद, विनोद श्रीवास्तव सहित अन्य लोग अपने हाथों में विभिन्न नारों और मांगों वाले पोस्टर लेकर घंटों सत्याग्रह पर बैठे रहे।
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र 150 बार लीक होने की घटनाओं से देशभर के छात्रों में भारी आक्रोश है। उनका कहना था कि अब छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाए बिना शांत नहीं बैठेंगे।
इस दौरान नेताओं ने “छात्र-युवा नहीं झुकेगा, राहुल नहीं रुकेगा” के नारे लगाए और धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी, इस मुद्दे पर संसद में चर्चा, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, छात्रों के साथ मारपीट और कथित अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही घोषणा की कि 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनकी बर्खास्तगी की मांग की जाएगी।
