अनिल मिश्र / रांची
झारखंड में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार के रूप में हुई है। यह कार्रवाई सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत की गई।
झारखंड सीआईडी ने रांची पुलिस के सहयोग से शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित दो होटलों में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे पहले भी इस मामले में पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीआईडी ने गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। विभाग के अनुसार, पूर्व में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को भी पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उनसे परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के नेटवर्क, तकनीकी प्रक्रिया और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। सीआईडी के अनुसार, जांच अभी जारी है और नए तथ्य सामने आने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जेपीएससी 14वीं समेत अन्य परीक्षाओं में अनियमितता के मामले में गुरुवार को सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते के आवास और आयोग स्थित उनके कार्यालय कक्ष पर छापेमारी की थी। इसके अलावा जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कार्यालय में भी दबिश दी गई थी।
सीआईडी ने करीब पांच घंटे तक राजधानी रांची के कांके रोड स्थित ख्यांगते के सरकारी आवास की तलाशी ली और उनसे पूछताछ भी की। उल्लेखनीय है कि झारखंड के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें जेपीएससी का अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं, गत मंगलवार को सीआईडी की छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
इधर, सीआईडी ने पहले गिरफ्तार किए गए टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के करीबी अरविंद मंडल को गोड्डा के पोड़ैयाहाट से भी गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान सीआईडी टीम ने जेपीएससी और टीडीपीएल कार्यालयों से हालिया परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए तथा ओएमआर शीट भी जब्त की गईं। टीडीपीएल कार्यालय से भी परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
आज गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को भी पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
उधर, रांची हाईकोर्ट ने गुरुवार को जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने राज्य सरकार और जेपीएससी को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
यह याचिका अभ्यर्थी राजेश प्रसाद ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयोग ने कट-ऑफ अंक जारी करने की प्रक्रिया, ओएमआर शीट अपलोड करने तथा परीक्षा परिणाम में सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने सहित कई गंभीर अनियमितताएं की हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 अभ्यर्थियों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रार्थी ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए पूरी प्रारंभिक परीक्षा निरस्त करने की मांग की है।
