मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को निजामाबाद के पूर्व विधायक स्वर्गीय आलम बदी के आवास पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी युवाओं, छात्रों और किसानों के साथ खड़ी है तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव के लिए मतदान करेगी।
शिक्षा मंत्री के त्यागपत्र को छात्रों के आंदोलन की सफलता बताते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “यह युवाओं की पहली बड़ी जीत है।” उन्होंने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने की भी मांग की।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितता और आरक्षण के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले भी पेपर लीक का ऑडिट कर चुकी है। सरकार ने जानबूझकर भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती सहित विभिन्न मामलों में प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की बात भी कही।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों के विलय, सरकारी स्कूलों की स्थिति और आधुनिक शिक्षा की कमी पर चिंता जताते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट और नई तकनीकों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की वकालत की। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा और रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अवैध निर्माण के मामलों में दोहरा रवैया अपना रही है। सरकार द्वारा जारी शासनादेश के तहत जिन भवनों को नियमित किया जा सकता है, उसी आधार पर संबंधित विश्वविद्यालय को भी वैध किया जाना चाहिए।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद, पानी और सिंचाई की समस्या बनी हुई है तथा राज्य सरकार आवश्यक तैयारियां करने में विफल रही है।
अखिलेश यादव ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए आंदोलनकारी छात्रों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।
