राजेश सरकार / प्रयागराज
नैनी स्थित सेमस्टार ग्लोबल स्कूल में उस समय विज्ञान और नवाचार का अनोखा संगम देखने को मिला, जब छात्रों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि अभिभावक और शिक्षक दंग रह गए। विज्ञान प्रदर्शनी एवं अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के दौरान नन्हे वैज्ञानिकों ने एक से बढ़कर एक आधुनिक मॉडल प्रस्तुत कर यह साबित कर दिया कि भविष्य की तकनीकें अब केवल कल्पना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की सोच बन चुकी हैं।
प्रदर्शनी में लाइ-फाइ (प्रकाश आधारित इंटरनेट तकनीक) मॉडल ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं। वहीं, सूर्य की दिशा के साथ स्वतः घूमने वाले स्वचालित सोलर पैनल ने ऊर्जा संरक्षण का अनोखा संदेश दिया। स्मार्ट सिटी मॉडल में हरित ऊर्जा, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की झलक ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इतना ही नहीं, छात्रों ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों और रेल लाइन से बिजली उत्पादन जैसे अभिनव मॉडलों के जरिए अपनी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक क्षमता का शानदार परिचय दिया।
हर मॉडल के पीछे छात्रों की मेहनत, कल्पनाशीलता और भविष्य को नई दिशा देने का जज्बा साफ दिखाई दिया। प्रदर्शनी में पहुंचे अभिभावकों ने बच्चों की प्रतिभा की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और नवाचार की भावना को नई उड़ान देते हैं। प्रदर्शनी ने छात्रों को टीमवर्क, प्रस्तुति कौशल और समस्या-समाधान जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को निखारने का भी अवसर प्रदान किया।
विद्यालय की सह-निदेशिका सिंथिया डीक्रूज ने छात्रों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, विद्यालय के निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब उसमें रचनात्मकता और प्रयोगधर्मिता का समावेश हो। उन्होंने विज्ञान प्रदर्शनी को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताया।
