सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की MHT-CET परीक्षा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कथित अनियमितताओं, संदिग्ध रूप से बढ़े पर्सेंटाइल और कुछ निजी परीक्षा केंद्रों पर गंभीर आरोपों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को CET सेल के आयुक्त दिलीप सरदेसाई से मुलाकात कर निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा यह मामला केवल औपचारिक जांच से नहीं निपटाया जा सकता। परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम और कथित अनियमितताओं की तकनीकी तथा स्वतंत्र जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
बारहवीं में कम अंक, CET में ऊंचा पर्सेंटाइल… सवालों के घेरे में परिणाम
प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि कई मामलों में ऐसे विद्यार्थी सामने आए हैं, जिन्हें बारहवीं बोर्ड परीक्षा में अपेक्षाकृत कम अंक मिले, लेकिन MHT-CET में अत्यधिक ऊंचा पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ। पार्टी ने स्पष्ट किया कि केवल अंकों के अंतर के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन जहां गंभीर शिकायतें और संदेह सामने आए हैं, वहां वैज्ञानिक और तथ्याधारित जांच आवश्यक है। मांग की गई कि संबंधित विद्यार्थियों की परीक्षा प्रक्रिया, उत्तरपत्रिका, कंप्यूटर रिकॉर्ड और रिजल्ट प्रोसेसिंग की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
निजी परीक्षा केंद्रों पर गंभीर आरोप
प्रेस नोट के अनुसार, कुछ निजी कंप्यूटर लैब और परीक्षा केंद्रों को लेकर सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर पैसे लेकर पर्सेंटाइल बढ़ाने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इन वीडियो और ऑडियो की सत्यता की जांच की जाए तथा यदि किसी रैकेट या संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो उसके मास्टरमाइंड सहित सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
सीसीटीवी फुटेज और सर्वर डेटा सुरक्षित रखने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिन परीक्षा केंद्रों पर संदेह जताया गया है, वहां के सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर लॉग, सर्वर डेटा और परीक्षा से जुड़े सभी डिजिटल रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित किए जाएं, ताकि किसी भी संभावित सबूत के साथ छेड़छाड़ न हो सके। साथ ही यदि जांच में कोई गड़बड़ी साबित होती है तो संबंधित परीक्षा केंद्र, अधिकारी, कर्मचारी और कथित दलालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की गई।
रोहित पवार का सरकार पर हमला
विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि पहले ‘बेटरमेंट’ के नाम पर विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डालने का प्रयास किया गया, जिसे छात्रों के विरोध के बाद सरकार को वापस लेना पड़ा। अब MHT-CET परिणामों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ऐसे में केवल आश्वासन देकर मामला दबाया नहीं जा सकता। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लानी होगी।
“छात्रों को न्याय नहीं मिला तो सड़क पर उतरेंगे”
प्रदेश प्रवक्ता एड. अमोल मातेले ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई और योग्य विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिला तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) राज्यभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों पर कार्रवाई करना और परीक्षा प्रक्रिया में लगे आरोपों को नजरअंदाज करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
