-घोड़बंदर से काशीमीरा तक बदहाली का राज…पहली बारिश में उखड़ी डामर सड़कें
अमर झा / मीरा-भायंदर
मीरा-भायंदर की सड़कें एक बार फिर भ्रष्ट निर्माण और बदहाल व्यवस्था की गवाही दे रही हैं। हर साल सड़क निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन डामर की सड़कें एक मानसून भी नहीं झेल पा रही हैं। पहली ही बारिश के साथ सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं और आम नागरिकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
सबसे खराब स्थिति काशीमीरा से घोड़बंदर और फाउंटेन होटल से गौमुख तक के मार्ग की है। कई स्थानों पर आधा-आधा फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों में वाहन फंस रहे हैं, दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और बीच सड़क पर वाहन बंद होने से घंटों लंबा जाम लग रहा है।
पूर्व नगरसेवक एवं वरिष्ठ समाजसेवक रोहित सुवर्णा ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। उनका कहना है कि टेंडर राशि का बड़ा हिस्सा कमीशन में चला जाता है, जिससे घटिया निर्माण होना तय है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप जंगम ने कहा कि मनपा हर वर्ष मरम्मत पर करोड़ों रुपए खर्च करती है, लेकिन पैचवर्क और मरम्मत इतनी खराब होती है कि कुछ महीनों में ही सड़कें फिर उखड़ जाती हैं।
करोड़ों खर्च, फिर भी गड्ढों का साम्राज्य
हर साल सड़क निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मीरा-भायंदर की डामर सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ जाती हैं। काशीमीरा-घोड़बंदर और फाउंटेन होटल-गौमुख मार्ग पर गहरे गड्ढों ने सफर को जानलेवा बना दिया है। नागरिक अब निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं।
