-हॉस्टल के कमरे में मिला २० साल के स्टूडेंट का शव…एकतरफा प्यार के शक में जांच शुरू
सामना संवाददाता / मुंबई
देश के सबसे प्रतिष्ठित आईआईटी मुंबई कैंपस में लगातार हो रही छात्र आत्महत्याओं ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले ११ महीने में यह तीसरा मामला है। मंगलवार देर रात मटेरियल साइंस के एक सेकंड ईयर के छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान सोहेल राजकुमार सांगवान, २० के रूप में हुई है। वह दिल्ली का रहने वाला था और आईआईटी मुंबई हॉस्टल नंबर ४ की चौथी मंजिल पर रहता था। मंगलवार रात करीब ११:४५ बजे पवई पुलिस को सूचना मिली। जब सोहेल ने बार-बार फोन करने पर जवाब नहीं दिया तो परिवार ने संस्थान को सूचना दी। हॉस्टल सुरक्षा प्रभारी एक छात्र के साथ कमरे में गए तो सोहेल का शव बेडशीट के फंदे से सीलिंग फैन से लटका मिला।
पुलिस का मानना है कि घटना मंगलवार दोपहर की है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने कमरे का पंचनामा कर मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कमरे से हाथ से लिखे कई नोट्स मिले हैं जिनमें रोमांटिक कविताएं लिखी थीं। इसी आधार पर पुलिस ‘एकतरफा प्यार’ के एंगल से जांच कर रही है। सोहेल के कॉल डेटा रिकॉर्ड और व्हॉट्सऐप चैट भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आत्महत्या की असली वजह पता चल सके।
११ महीने, ३ मौतें, आईआईटी पर सवाल
आईआईटी मुंबई में पिछले ११ महीने में यह तीसरी आत्महत्या है। २९ जुलाई २०२६को सोहेल राजकुमार सांगवान, २०, मटेरियल साइंस, सेकंड ईयर के छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या की। ४ फरवरी २०२६ को नमन अग्रवाल, २१, सिविल इंजीनियरिंग के छात्र ने हॉस्टल बिल्डिंग से कूदकर जान दी।२ अगस्त २०२५ रोहित सिन्हा, २२, मेटलर्जी विभाग के छात्र ने हॉस्टल बिल्डिंग से कूदकर खुदकुशी की। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं के बाद छात्रों और अभिभावकों में डर का माहौल है। सवाल उठ रहे हैं कि टॉप इंस्टीट्यूट में काउंसलिंग और मेंटल हेल्थ सपोर्ट कितना मजबूत है। फिलहाल संस्थान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई का प्रेशर, अकेलापन और प्रोफेशनल काउंसलर की कमी बड़ी वजह है।
