उमेश गुप्ता / वाराणसी
देवाधिदेव महादेव के अतिप्रिय श्रावण मास के पहले सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की मंगला आरती से लेकर रात्रि की शयन आरती तक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर, गंगा घाट और आसपास की गलियां हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहीं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, काशी ‘अविमुक्त क्षेत्र’ है, जहां भगवान शिव का स्थायी निवास माना जाता है। स्कंदपुराण में भी काशी की महिमा का वर्णन मिलता है। बारह ज्योतिर्लिंगों में श्री काशी विश्वनाथ का विशेष स्थान है और सावन में यहां की जलाभिषेक का महत्व और बढ़ जाता है।
सावन के प्रत्येक सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है। धाम के स्वर्णिम शिखरों, गंगा तट और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए गए।
सावन के पहले सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के उपरांत बाबा काशी विश्वनाथ का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया, जिसके बाद “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा धाम गूंज उठा। बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की लगभग तीन किलोमीटर लंबी कतार लगी । धाम में भक्तों का स्वागत पुष्प वर्षा के साथ किया गया।
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार तथा मंदिर प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने छह प्रमुख प्रवेश द्वार निर्धारित किए। भारी भीड़ के चलते करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार में श्रद्धालु और कांवरिये बाबा के दर्शन के लिए धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। प्रशासन द्वारा कतार व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई।
दूसरी ओर गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए घाटों पर विशेष सतर्कता बरती गई। जल पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को केवल सुरक्षित क्षेत्र में स्नान और जलभराव करने के निर्देश दिए जा रहे थे। पूरे क्षेत्र में पुलिस प्रशासन चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे श्रद्धालुओं और कांवरियों से सम्मानपूर्वक “सर” और “मैडम” कहकर संवाद करें तथा उनकी हरसंभव सहायता करें।
