मुख्यपृष्ठनए समाचारस्कॉर्पियो पेड़ से टकराकर पलटी...दो की मौत

स्कॉर्पियो पेड़ से टकराकर पलटी…दो की मौत

 सामना संवाददाता / झुंझुनू

राजस्थान के झुंझुनू जिले में बीती रात एक स्कॉर्पियो गाड़ी मोड़ पर बेकाबू होकर पेड़ से टकरा कर पलट गई। इसमें सवार सेना के हवलदार और महिला कॉन्स्टेबल के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 2 गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किया गया है। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवकों के शव आगे की सीट पर फंस गए। स्कॉर्पियो पूरी तरह डैमेज हो गई। जेसीबी से गेट तोड़कर घायलों और शवों को बाहर निकाला गया।
बगड़ थाना अधिकारी रणधीर सिंह ने बताया कि हादसे में झुंझुनू पुलिस में कालिका यूनिट में तैनात महिला कांस्टेबल सरोज के बेटे नितिन (22) और सेना में हवलदार के पद पर तैनात राकेश कुमार दूत (36) पुत्र नेतराम लाल दूत निवासी कोलसिया नवलगढ़ की मौत हो गई। वहीं अजय कुमार (25) पुत्र गणेश राम नायक, निवासी डाइट के पास झुंझुनू और साक्षक सिहाग पुत्र संजय कुमार निवासी सिंघाना हाल निवासी जयपुर घायल हो गए। दोनों को जयपुर रेफर कर दिया गया।
थानाधिकारी ने बताया कि रात को हादसे की सूचना मिली थी। इसी दौरान गश्त कर रही 112 नंबर की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। गाड़ी के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी और क्रेन की मदद लेनी पड़ी। स्कॉर्पियो को हटवाकर घायलों और मृतकों को बाहर निकाला गया। सभी को 108 एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी बीडीके अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक राकेश कुमार और नितिन कुमार के शवों को बगड़ के अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। जहां परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
मृतक राकेश के भाई नेमीचंद ने बताया कि चारों आपस में दोस्त थे। देर रात नितिन को छोड़ने चिड़ावा के पास लाम्बगोठडा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान 11 किमी दूर बगड़ मोड़ पर ही हादसा हो गया। नेमीचंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी तेज टक्कर लगने के बाद भी स्कॉर्पियो के छ एयरबैग्स नहीं खुले। ऐसे में मेरे भाई और उसके दोस्त की जान नहीं बचाई जा सकी।
नेमीचंद ने बताया कि राकेश ने साल 2011 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। वे सेना में एजुकेशन हवलदार के पद पर सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग लेह-लद्दाख में थी। वे 23 जुलाई को ही छुट्टी पर अपने घर आए थे और 14 अगस्त तक यही रुकने वाले थे। भाभी संजू देवी (31) का रो रो कर बुरा हाल है। राकेश के एक बेटा है नितेशु (5) है। मासूम को अभी यह भी ठीक से समझ नहीं है कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। हमारी बहन पूनम भी डॉक्टर है उन्हें भी हादसे की जानकारी दे दी गई है। इस हादसे में कार में सवार लोग एक दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे। स्कॉर्पियो की छत पिचकी हुई थी।

अन्य समाचार