राजेश सरकार / प्रयागराज
कमिश्नरेट पुलिस की औद्योगिक क्षेत्र थाना टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक सनसनीखेज मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने न केवल बीते कुछ दिनों से लापता 16 वर्षीय नाबालिग अपहृता को सुरक्षित ढूंढ लिया, बल्कि उसे अपनी हवस का शिकार बनाने वाले शातिर अभियुक्त पिंटू गौतम को भी बेड़ियां पहना दी हैं। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए संगीन धाराओं के साथ पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
– 29 जुलाई से लापता थी मासूम मामला तब सामने आया जब 1 अगस्त 2026 को पीड़िता के भाई ने थाने में आकर अपनी 16 साल की छोटी बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। भाई के मुताबिक, उसकी बहन 29 जुलाई को घर से अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने दिन-रात एक कर उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मुकदमा संख्या 120/26 दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी।
पुलिस की घेराबंदी में फंसा आरोपी, बढ़ीं संगीन धाराएं
औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने लड़की की तलाश के लिए जाल बिछाया। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने 4 अगस्त 2026 को आरोपी पिंटू गौतम (उम्र 19 वर्ष, निवासी- मनौरी, कौंधियारा, प्रयागराज) को धर दबोचा और उसके कब्जे से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ और विवेचना के दौरान जब मामले की खौफनाक सच्चाई सामने आई, तो पुलिस ने मुकदमे में धारा 87, 64(1) बीएनएस और 3/4 पाक्सो एक्ट जैसी सख्त धाराएं बढ़ा दीं। कानून के शिकंजे में फंसे आरोपी के खिलाफ अब पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।अपराधी को दबोचने और मासूम को इंसाफ दिलाने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक नितेश सिंह (थाना औद्योगिक क्षेत्र, कमिश्नरेट प्रयागराज) हेड कांस्टेबल सुनील कुमार कुशवाहा, महिला कांस्टेबल बिन्दू पाल शामिल थे।
