मुख्यपृष्ठनए समाचारकानून को ठेंगा, शहर पर पोस्टरों का कब्जा!

कानून को ठेंगा, शहर पर पोस्टरों का कब्जा!

 -मेयर के जन्मदिन पर अवैध बैनरों की बाढ़
-कीलों और तारों की चुभन से पेड़ बेजार

सुरेश गोलानी / मुंबई

उच्च न्यायालय और मीरा-भायंदर महानगरपालिका द्वारा पारित आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने राजनैतिक आका को खुश करने के लिए चमकेश नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महापौर डिंपल मेहता को जन्मदिन की शुभकामना देने वाले सैकड़ों की संख्या में अवैध बैनर और होर्डिंग्स लगा कर शहर को बदसूरत बना दिया है। किसी ने बिजली के खंभों और सिग्नल पर तो किसी ने पेड़ों पर लोहे की कीलें ठोककर और कटीले तार बांध कर बैनर लगाने का अपराध किया है। इन कृत्यों के कारण बेज़ुबान पेड़ों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। अगर कम उम्र के पेड़ों पर कील ठोकी जाए तो उनके सूखने का खतरा बना रहता है। लेकिन मनपा प्रशासन कार्यवाही करने के बजाय सत्ताधारियों के इस तमाशे को मूकदर्शक बन के देख रहा है।
ज्ञात हो कि खुद महापौर डिंपल मेहता ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान सितंबर २०१८ की महासभा में प्रस्ताव पारित कर १ अक्टूबर, २०१८ से अस्थायी फ्लेक्स बैनर और होर्डिंग्स लगाने की अनुमति देने की प्रणाली पर प्रतिबंध लगा दिया था। आज उप-महापौर की कुर्सी पर विराजमान ध्रुव किशोर पाटील उस समय स्थायी समिति के अध्यक्ष थे। सार्वजनिक संपत्तियों को विरूपित करने पर अंकुश लगाने के संबंध में उच्च न्यायालय के निर्देशों और मनपा द्वारा लिए गए पैâसले के बावजूद, महाराष्ट्र लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, १९९५ की धाराओं का खुलेआम उल्लंघन करते हुए राजनीतिक दलों द्वारा अवैध होर्डिंग और फ्लेक्स बैनर लगाने जैसी अवैध गतिविधियों पर मनपा का कोई नियंत्रण नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर बैनर लगाना न केवल शहर की सुंदरता बिगड़ती है, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए असुविधा का कारण भी बनता है और कई बार वाहन चालकों का ध्यान भी भटकाता है। अवैध रूप से बैनर, पोस्टर या होर्डिंग लगाना एक कानूनी अपराध है, जिसके लिए उल्लंघनकर्ताओं को भारी जुर्माना और गिरफ्तारी तक का प्रावधान है।
आदेशों की धज्जियां, शहर की सूरत बदहाल!
मीरा-भायंदर में अवैध बैनर-होर्डिंग का बोलबाला, बिजली खंभों से लेकर पेड़ों तक ठोकी जा रही कीलें। हाईकोर्ट और मनपा के आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। शहर की सुंदरता और पर्यावरण दोनों खतरे में हैं।

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