-पंडित नहीं, अब डिटेक्टिव करा रहे रिश्ते पक्के
-लोहगढ़ हत्याकांड के बाद बदल गई शादी की परंपरा
फिरोज खान / मुंबई
पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर १८ जून २०२६ को हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड ने शादी-ब्याह के तौर-तरीकों पर गहरा असर डाला है। २६ वर्षीय रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की कथित तौर पर उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने खाई में धक्का देकर हत्या कर दी थी। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में मामला पूर्वनियोजित हत्या का निकला। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मुंबई, पुणे, नासिक और अन्य शहरों के संपन्न परिवारों में रिश्ते तय करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब माता-पिता केवल कुंडली, नौकरी और बैंक बैलेंस नहीं देख रहे, बल्कि शादी तय करने से पहले प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियों से लड़का-लड़की और उनके परिवार की विस्तृत बैकग्राउंड रिपोर्ट भी मंगवा रहे हैं।
रिश्तों में भरोसा खत्म?..शादी से पहले शुरू हुई `जासूसी’
लोहगढ़ हत्याकांड के बाद शादी-ब्याह की दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिश्तों में भरोसे की जगह अब जांच-पड़ताल ने ले ली है। मुंबई, पुणे और नासिक में परिवार कुंडली के साथ-साथ डिटेक्टिव रिपोर्ट भी मांग रहे हैं। पुराने रिश्ते, सोशल मीडिया और निजी जिंदगी की पड़ताल अब शादी से पहले की नई प्रक्रिया बनती जा रही है। पुराने रिश्ते, ब्रेकअप, विवाद, सोशल मीडिया गतिविधियां, पारिवारिक व्यवहार और व्यक्तिगत छवि की जांच अब आम होती जा रही है। कई परिवारों का कहना है कि एक घटना ने भरोसे की नींव हिला दी है। अब शादी भावनाओं से ज्यादा तथ्यों और जांच-पड़ताल के आधार पर तय की जा रही है। मुंबई में प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी संचालित करने वाले नितीन घरगुटे का कहना है कि लोहगढ़ हत्याकांड के बाद हाई सोसायटी के लोगों में डर और सतर्कता दोनों बढ़ी हैं। उनके अनुसार, पहले लोग कुंडली मिलवाने पर जोर देते थे, लेकिन अब वे रिश्ता तय करने से पहले विस्तृत जांच रिपोर्ट चाहते हैं, ताकि लड़का या लड़की के चरित्र, पुराने रिश्तों और जीवनशैली के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
घरगुटे के मुताबिक, लोग अब यह भी जानना चाहते हैं कि सामने वाले का किसी के साथ प्रेम संबंध तो नहीं है, उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला तो दर्ज नहीं है, आर्थिक स्थिति वास्तविक है या नहीं और सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियां वैâसी हैं। इसके अलावा कॉलेज, कार्यस्थल और पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। उनका दावा है कि यह ट्रेंड सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है। पुणे, नासिक और अन्य शहरों में भी शादी से पहले बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराने का चलन तेजी से बढ़ा है। उनके अनुसार, प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियों के पास ऐसे मामलों की मांग में लगभग ४० प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
