मुख्यपृष्ठनए समाचारशिंदे गुट में `ऑल इज नॉट वेल!'... भगदड़ की आहट से बढ़ी...

शिंदे गुट में `ऑल इज नॉट वेल!’… भगदड़ की आहट से बढ़ी बेचैनी

-मंत्रिमंडल से वरिष्ठ नेताओं को हटाने की चर्चा ने बढ़ाई सियासी हलचल
-कामकाज पर नाराजगी के बाद फेरबदल की सुगबुगाहट

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की सियासत में शिंदे गुट के भीतर बढ़ती अस्थिरता की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा अपनी ही पार्टी के कुछ मंत्रियों के कामकाज पर नाराजगी जताए जाने के बाद संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा है कि मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की तैयारी हो रही है, जिससे कई वरिष्ठ नेताओं की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, प्री-वैâबिनेट बैठक में एकनाथ शिंदे ने मंत्री संजय राठौड़, गुलाबराव पाटील, संजय शिरसाठ और आशीष जायसवाल के कामकाज पर असंतोष जताया। बताया जा रहा है कि शिंदे ने साफ शब्दों में कहा कि केवल मंत्रालय में बैठकर विभागीय कामकाज संभालना पर्याप्त नहीं है। मंत्रियों को अपने विधानसभा क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहना होगा, जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान करना होगा और पार्टी संगठन को भी मजबूत करना होगा। सूत्रों का कहना है कि शिंदे ने मंत्रियों को कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने का भी निर्देश दिया।
शिंदे गुट में बढ़ सकता है असंतोष
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि फेरबदल में वरिष्ठ नेताओं की छुट्टी होती है, तो पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है। इससे शिंदे गुट में आंतरिक खींचतान तेज होने और कुछ नेताओं के नए राजनीतिक विकल्प तलाशने की अटकलों को भी बल मिल सकता है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर संभावित `भगदड़’ की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं।

अन्य समाचार