मुख्यपृष्ठधर्म विशेषशिव कृपा सूचक है शिवपुराण

शिव कृपा सूचक है शिवपुराण

शीतल अवस्थी

भगवान शिव अनादि व अनंत हैं अर्थात न तो कोई भगवान शिव के प्रारंभ के बारे में जानता है और न ही कोई अंत के बारे में। इसलिए इन्हें अजन्मा और अनश्वर भी कहते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव सिर्फ एक लोटा जल चढ़ाने से भी प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का देवता भी कहा जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार अगर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष टोटके किए जाएं तो उसका बहुत ही जल्दी शुभ फल प्राप्त होता है। शिवपुराण व अन्य ग्रंथों में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय व टोटके बताए गए हैं। अगर ये उपाय व टोटके सावन के महीने में किए जाएं तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मुराद पूरी कर देते हैं।
भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन की प्राप्ति होती है। तिल चढ़ाने से पापों का नाश हो जाता है। जौ अर्पित करने से सुख में वृद्धि होती है। भगवान शिव को गेहूं चढ़ाने से संतान वृद्धि होती है। यह सभी अन्न भगवान को अर्पण करने के बाद गरीबों में वितरीत कर देना चाहिए। शिवपुराण में विभिन्न रसों से भगवान शिव की पूजा का वर्णन विस्तारपूर्वक किया गया है, जिससे साधक को कई रोगों से छुटकारा मिल जाता है। वहीं मन चाहे फल की प्राप्ति भी होती है। ज्वर (बुखार) से पीड़ित होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से शीघ्रताशीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है। नपुंसक व्यक्ति अगर घी से शिव की पूजा करे व ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो उसकी समस्या का निदान हो जाता है। तेज दिमाग के लिए शक्कर मिश्रित दूध भगवान शिव को चढ़ाएं। सुगंधित तेल से शिव का अभिषेक करने पर समृद्धि में वृद्धि होती है। भगवान शिव पर ईख (गन्ना) के रस की धारा चढ़ाई जाए तो सभी आनंदों की प्राप्ति होती है। शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। मधु (शहद) की धारा शिव पर चढ़ाने से राजयक्ष्मा (टीबी) रोग दूर हो जाता है। शिवपुराण की रुद्र संहिता में भगवान शिव का विभिन्न पुष्पों से पूजन करने तथा उनसे प्राप्त होने वाले फलों का विस्तृत वर्णन मिलता है। लाल व सफेद आंकड़े के फूल से शिव का पूजन करने पर भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है। चमेली के फूल से पूजन करने पर वाहन सुख मिलता है। अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है। शमी पत्रों से पूजन करने पर मोक्ष प्राप्त होता है। बेला के फूल से पूजन करने पर शुभ लक्षणों से युक्त पत्नी मिलती है। जूही के फूल से शिव का पूजन करें तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। कनेर के फूलों से शिव पूजन करने से नवीन वस्त्रों की प्राप्ति होती है। हरसिंगार के पुष्पों से पूजन करने पर सुख-सम्पत्ति में वृद्धि होती है। धतूरे के पुष्प से पूजन करने पर भगवान शंकर सुयोग्य पुत्र प्रदान करते हैं, जो कुल का नाम रोशन करता है। लाल डंठलवाला धतूरा पूजन में शुभ माना गया है। दूर्वा से पूजन करने पर आयु बढ़ती है।

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