सुरेश गोलानी / मुंबई
प्रचलित कहावत ‘चिराग तले अंधेरा’ मीरा-भायंदर महानगरपालिका की कार्यप्रणाली को बिल्कुल सटीक साबित करती है, जहां स्वच्छ-सुंदर परिसर और सूखे और गीले कचरे का वर्गीकरण का संदेश देने वाली खूबसूरत पेंटिंग के नीचे ही कचरे का अंबार लगा हुआ है। यह नजारा मीरा रोड स्थित: शांति पार्क इलाके का है। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन २.० के अंतर्गत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण २०२४-२५ अभियान में ०३ से १० लाख जनसंख्या वाले वर्ग में मीरा-भायंदर महानगरपालिका को क्लीनेस्ट सिटी होने का प्रथम क्रमांक के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। हालांकि, ठोस कचरा प्रबंधन में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी कि मनपा या सफाई कर्मचारियों की।
